ब्रिटेन में अवैध प्रवासियों के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन, 1 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे

प्रतीकात्मक

लंदन(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दुनिया के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। नेपाल और अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में भी बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा हो गया है। राजधानी लंदन में शनिवार को अवैध प्रवासियों के खिलाफ करीब एक लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए। इस प्रदर्शन को “यूनाइटेड द किंगडम” नाम दिया गया और इसे दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिन्सन ने आयोजित किया।

प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त नारेबाजी हुई और अवैध प्रवासियों को देश से बाहर करने की मांग तेज़ हो गई। यह अब तक का ब्रिटेन का सबसे बड़ा दक्षिणपंथी विरोध मार्च माना जा रहा है।

एलन मस्क का भी बयान

इस प्रदर्शन को अमेरिकी अरबपति और टेस्ला मालिक एलन मस्क ने भी वीडियो संदेश के ज़रिए संबोधित किया। मस्क ने कहा –
“हिंसा तुम्हारे पास आ रही है। या तो लड़ो या मरो। सरकार बदलनी होगी और संसद भंग करनी होगी।”

प्रदर्शन के दौरान हिंसा, 26 पुलिसकर्मी घायल

सेंट्रल लंदन में प्रदर्शन हिंसक हो गया। झड़पों में 26 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए बल प्रयोग किया और अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पीएम स्टार्मर की प्रतिक्रिया

वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर प्रदर्शन के वक्त अपने बेटे के साथ लंदन के एमिरेट्स स्टेडियम में फुटबॉल मैच देख रहे थे। हिंसा की घटनाओं के बाद उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
स्टार्मर ने कहा –
“लोगों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, यह हमारे देश के मूल्यों के केंद्र में है। लेकिन हिंसा, नस्लवाद और पुलिसकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”

यूरोप में बढ़ रहा विरोध

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप में अवैध प्रवासियों का मुद्दा अब पहले से कहीं ज्यादा जोर पकड़ रहा है। शुरुआती दौर में मानवाधिकार और उदारवादी नीतियों के चलते जिन देशों ने प्रवासियों को जगह दी थी, अब वहीं लोग सड़कों पर उतरकर उन्हें बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं। ब्रिटेन में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आप्रवासी विरोधी रैली हुई है, जिसने पूरे यूरोप का ध्यान खींच लिया है।

Editor CP pandey

Recent Posts

₹2 के चक्कर में रेस्टोरेंट पर ₹1.06 लाख की मार! ₹18 की बोतल ₹20 में बेचना पड़ा भारी

ग्राहक के दो रुपये लौटाने से इनकार पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग का बड़ा आदेश; जानिए…

1 minute ago

ट्रंप से मस्क तक बदले अमेरिकी सुर! रूस के तेल से लेकर H-1B वीजा तक भारत का दबदबा या बदलते वैश्विक समीकरण?

Aiनिर्मित नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर देश…

47 minutes ago