नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने हिन्दू महासभा के दो कार्यकर्ता विनेश त्यागी और श्याम बाबू द्वारा आगरा के ताज महल में गंगाजल से जलाभिषेक करने पर उनकी प्रशंसा करते हुए गिरफ्तार हुए दोनों हिन्दू युवकों के ऊपर दर्ज एफ आई आर बिना शर्त निरस्त करने और उन्हें सम्मान सहित रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोनो हिन्दू युवकों के इस साहस और शौर्य पर सम्पूर्ण हिन्दू समाज गौरवान्वित हैं।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि ताज महल का वास्तविक नाम तेजो महालय है और वहां पर प्राचीन शिवालय है। शिवालय पर जलाभिषेक हिंदुओं का जन्मसिद्ध अधिकार है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने वीडियो संदेश में कहा कि हिंदुओं ने श्रीरामजन्भूमि अयोध्या को न्यायिक निर्णय से इस्लामिक बाबरी मस्जिद से मुक्त करवाया और आज वहां भव्य मंदिर बन चुका है। हिन्दू नेताओं द्वारा मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा को ईदगाह मस्जिद, काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी को ज्ञानव्यापी मस्जिद और लखनऊ के लक्ष्मण मंदिर को टीले वाली मस्जिद के कलंक से मुक्त करवाने और पुनः वहां पर भव्य मंदिर निर्माण करवाने के लिए न्यायिक वाद लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दू महासभा निकट भविष्य में ताज महल को तथ्यों के आधार पर तेजो महालय और शिवालय सिद्ध करने में सफल होगी और वहां पुनः भव्य शिवालय का निर्माण होगा।
वीडियो संदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विनेश त्यागी और श्याम बाबू को बिना शर्त रिहा करने और संबंधित एफ आई आर को निरस्त करने का संबद्ध अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करने की अपील की गई है।
सुनीता कुमारी पूर्णियां बिहार भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में समय की गणना केवल दिनों…
बहन की प्रताड़ना से आहत होकर युवती ने लगाई थी फांसी, पुलिस ने की कार्रवाई…
कूटरचना कर लोगों को बनाता था शिकार, पुलिस ने दबोचा आरोपी गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)गुलरिहा थाना…
एनडीआरएफ की टीम का सर्च ऑपरेशन जारी, गांव में पसरा मातम मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि…
सिकंदरपुर /बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा ) आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा सत्र 2025-26 के विभिन्न स्नातकोत्तर…