चितबड़ागांव में हिंदू सम्मेलन का आयोजन, एकता और अखंडता का दिया गया संदेश

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

चितबड़ागांव कस्बा अंतर्गत धर्मशाला परिसर में हिंदू समाज की ओर से एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को संगठित कर कार्यक्रम को सफल बनाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। सम्मेलन को सफल बनाने में लोक कलाकार गोपाल राय और हरि हलचल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों कलाकारों ने अपने ओजपूर्ण और भावनात्मक गीतों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों की प्रस्तुति से पूरा परिसर हिंदुत्वमय वातावरण में डूब गया और उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रांत प्रचारक सुरजीत जी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदुत्व की वास्तविक आधारशिला एकता, अखंडता और पारस्परिक संबंधों में निहित है। उन्होंने कहा कि मानवता का समावेशन ही हिंदुत्व का मूल तत्व है और समाज को इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूफी संत परंपरा के सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ के महंत शत्रुघ्न दास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में हिंदुत्व को एकता के सूत्र में पिरोने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपसी सद्भाव और समरसता से ही समाज मजबूत बनता है। इस अवसर पर अमरजीत सिंह, शशिकला तिवारी, पूनम उपाध्याय सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर धर्मात्मानंद गुप्ता ने की, जबकि संचालन अंजनी कुमार उपाध्याय ने किया। सम्मेलन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

rkpnews@somnath

Recent Posts

सुबह-सुबह सड़कों पर दिखी पुलिस की सक्रियता, देवरिया में चला सघन मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम…

31 seconds ago

जब गणेश ने पराक्रम को हराया: बुद्धि का शास्त्रोक्त महासंग्राम

“गणेश: बुद्धि का महासंग्राम – जब विघ्नहर्ता ने ब्रह्मांड को सिखाया विवेक का शास्त्र” 🕉️…

45 minutes ago

असलहा सटाकर सर्राफा कारोबारी से लाखो के सोने व चांदी के जेवरात की छिनैती

पिडवल मोड़ से दुकान बंद कर कोपागंज घर वापस लौट रहे थे कारोबारी मऊ (…

1 hour ago

ॐ : एक नाद, जिसमें समाई है सृष्टि की सम्पूर्ण चेतना

जहां ध्वनि मौन में विलीन होकर साधना का परम लक्ष्य बन जाती है कैलाश सिंह…

1 hour ago

शांति, साधना और शिल्पकला का संगम: उदयगिरि खंडगिरि गुफाओं की विशेष रिपोर्ट

जब करे ओडिसा की यात्रा एक बार जरूर जाए उदयगिरि–खंडगिरि की गुफाएं: ओडिशा की धरती…

3 hours ago

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र भारतीय सभ्यता प्रकृति, खगोल और जीवन के आपसी संतुलन पर आधारित रही है।…

3 hours ago