Higher Tax On Cigarettes: बजट 2026 के बाद सिगरेट पीना पड़ेगा भारी, कीमतों में बड़ा उछाल

अगर आप सिगरेट पीते हैं, तो अब पैकेट पर लिखी चेतावनी सिर्फ सेहत तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह आपकी जेब पर भी सीधा असर डालने लगी है। 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में जिन उत्पादों पर सबसे बड़ा झटका दिया गया है, उनमें सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद शामिल हैं। सरकार द्वारा टैक्स बढ़ाए जाने के बाद बाजार में सिगरेट की कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है।

पॉकेट जलाएगी सिगरेट

नई टैक्स दरों के लागू होने के बाद सिगरेट पीना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। जिन ब्रांड्स की सिगरेट पहले 10 रुपये में आसानी से मिल जाती थी, उनकी कीमत अब बढ़कर कम से कम 20 से 25 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, प्रीमियम सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

करीब सात साल बाद सिगरेट पर इतनी बड़ी टैक्स बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। धूम्रपान की आदत अब न सिर्फ सेहत के लिए नुकसानदेह है, बल्कि खर्च के लिहाज से भी भारी साबित हो रही है।

सरकार ने क्यों बढ़ाया तंबाकू पर टैक्स

सरकार का कहना है कि तंबाकू उत्पादों पर लगाए जाने वाले टैक्स को वैश्विक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप लाना जरूरी था। इसके साथ ही सरकार का उद्देश्य लोगों को स्मोकिंग से हतोत्साहित करना भी है, ताकि तंबाकू के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।

बजट 2026 में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए एक नया टैक्स सिस्टम पेश किया गया है। यह व्यवस्था जीएसटी कम्पनसेशन सिस्टम की जगह लेगी, जिसे जुलाई 2017 में लागू किया गया था। नए टैक्स ढांचे के तहत तंबाकू उत्पादों पर ज्यादा प्रभावी कर लगाया जाएगा।

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संसद से पहले ही मिल चुकी थी मंजूरी

दरअसल, दिसंबर में संसद ने इस नए टैक्स सिस्टम का रास्ता साफ कर दिया था। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अधिक टैक्स लगाने को मंजूरी मिलने के बाद बजट 2026 के जरिए इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

इस फैसले का असर अब बाजार में साफ दिखाई दे रहा है, जहां कंपनियां अपनी कीमतों में संशोधन कर रही हैं। यह कदम सरकार की स्वास्थ्य नीति और राजस्व बढ़ाने की रणनीति—दोनों को दर्शाता है।

कितनी हो सकती है सिगरेट की कीमत

नई व्यवस्था के बाद 76 एमएम सिगरेट की कीमत प्रति पैक 50 से 55 रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कीमत संबंधित ब्रांड और कंपनी द्वारा तय की गई रिवाइज्ड दरों पर निर्भर करेगी। अलग-अलग कंपनियों की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।

स्मोकर्स के लिए बढ़ी चिंता

बजट 2026 के बाद सिगरेट पर बढ़े टैक्स ने स्मोकर्स की चिंता बढ़ा दी है। कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से न केवल सिगरेट की बिक्री प्रभावित हो सकती है, बल्कि यह सरकार के स्मोकिंग कम करने के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।

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Karan Pandey

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