देवरिया /(राष्ट्र की परम्परा)।शहादत और उच्च शिक्षा का अपमान है कि देवरिया जिले के सबसे सम्मानित और पंडित “बिस्मिल” के समाधि स्थल से जुड़े होने के कारण विश्व विख्यात विद्यालय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आश्रम बरहज देवरिया के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने और पदोन्नति का मामला महीनों से माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश कुलसचिव गोरखपुर विश्वविद्यालय क्षेत्रीय उच्च शिक्षा समेत निदेशक उच्च शिक्षा की जानकारी में है | उक्त मामले से जुड़ी हुई करीब दर्जनभर शिकायतें मुख्यमंत्री पोर्टल पर लंबित हैं और रजिस्टर्ड शिकायतें की जा रही हैं लगातार शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय हरकत में है जांच कमेटी के गठन हेतु कहा गया है कमेटी का गठन किया गया परंतु अभी तक कमेटी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी/कोई जांच नहीं की जिसे 1 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देनी थी | अलबत्ता डॉ अजय कुमार मिश्र द्वारा बेवजह दबाव बनाया जा रहा है अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है |
पूरे प्रकरण में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी गोरखपुर जो की देवरिया जिले के ही निवासी हैं वह इस एसोसिएट प्रोफेसर के रिश्तेदार बताया जा रहे हैं और बार-बार आदेश के बाद भी 15 दिनों में जांच कमेटी की रिपोर्ट देनी थी परंतु अश्वनी कुमार मिश्र की वजह से यह जांच पूरी नहीं हो पा रही है जो अपने ही मंडल में वर्षों से तैनात हैं |
इस मामले में विद्यालय से सूचना भी मांगी गई है परंतु विद्यालय के प्राचार्य द्वारा इस गंभीर प्रकरण में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है अलबत्ता सूत्र बताते हैं कि वर्तमान प्राचार्य पर भी दबाव है जिसके कारण कोई कार्यवाही विद्यालय स्तर से नहीं हो पा रही और जनपद का एक सम्मानित महाविद्यालय जो पंडित बिस्मिल की यादों से जुड़ा है वह फर्जी दस्तावेजों और भ्रष्टाचार की वजह से बदनाम हो रहा है |
उक्त मामले पर लिखा जाए तो कहानी बड़ी लंबी है।

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By RKP News गोविन्द मौर्य

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