डाक टिकटों पर वैश्विक बुद्ध प्रदर्शनी व कार्यशाला का समापन

अंतिम दिन पुरस्कृत हुए विजेता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं फिलैटलिक सोसाइटी ऑफ उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर डाक टिकटों पर वैश्विक बुद्ध प्रदर्शनी व कार्यशाला का समापन हुआ। इस अवसर पर डाक टिकटों से सम्बन्धित कार्यशाला एवं डाक सामग्री पर आधारित एकल एवं समूह क्विज प्रतियोगिता, पोस्टकार्ड लेटर राइटिंग एवं पोस्टकार्ड पर चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विमल कुमार मोदी ने भगवान बुद्ध पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित डाक सामग्री की प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी बेहद रोचक जानकारी से भरी है और भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा का भान कराती है। संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय अतीत का संरक्षक, भविष्य का शिक्षक एवं ज्ञान का वातायन है। इसकी प्रतिष्ठा शैक्षिक केन्द्र के रूप में भी है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय का मूल उद्देश्य जन-सामान्य को मनोरंजनपूर्ण ढंग से शिक्षित करना एवं अपने धरोहर के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा पूरे भारत में बौद्ध डाक टिकटों की प्रदर्शनी हेतु पहली बार उठाया गया यह कदम अत्यन्त प्रसंशनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से लोगों में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता और उनके महत्व को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें लगभग 70 चयनित एवं विजेता प्रतिभागी शामिल थे। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. विमल कुमार मोदी ने विजेताओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विख्यात मिश्रा, संजय सिंह, पवन कुमार गुप्ता, रिया राय, अजय कुमार पाण्डेय, सुगम मिश्रा, आराध्या गौतम, शिखर मौर्य, रिद्धिमा राव, तियांशी सिंह आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता और उनके महत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संग्रहालय की पहल और फिलैटलिक सोसाइटी ऑफ उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और डाक टिकटों के महत्व से परिचित कराया। जिसके लिए संग्रहालय के उप निदेशक डॉ यशवंत सिंह राठौर साधुवाद के पात्र हैं।

Karan Pandey

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