Categories: Newsbeat

डीडीयूजीयू–शिनावात्रा यूनिवर्सिटी के बीच पाँच वर्षीय अंतरराष्ट्रीय करार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) ने अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए थाईलैंड की शिनावात्रा यूनिवर्सिटी के साथ पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत और थाईलैंड के बीच शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त शोध तथा वैश्विक शैक्षिक पहलों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत माना जा रहा है।
यह सहयोग कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की वैश्विक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एकीकरण की सोच को आगे बढ़ाता है। भारतीय बौद्धिक परंपरा को समकालीन वैश्विक चुनौतियों से जोड़ने की परिकल्पना इस समझौते में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
समझौता ज्ञापन के अंतर्गत छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, विज्ञान, मानविकी और विधि जैसे विषयों में संयुक्त शोध परियोजनाएँ, विशेषीकृत शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, संगोष्ठी और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। परास्नातक छात्रों और शोधार्थियों के मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही शिनावात्रा यूनिवर्सिटी, थाईलैंड में डीडीयूजीयू के लिए शैक्षणिक एवं शोध सुविधा मंच के रूप में कार्य करेगी। संयुक्त ऑनलाइन और ब्लेंडेड लर्निंग कार्यक्रमों के शुभारंभ का भी प्रावधान किया गया है।
यह समझौता गोवा में आयोजित क्यूएस समिट के दौरान डीडीयूजीयू की ओर से कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। समझौते में बौद्धिक संपदा अधिकार, संयुक्त प्रकाशन, गोपनीयता तथा शासन तंत्र से जुड़े स्पष्ट प्रावधान शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता और पारस्परिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि शिनावात्रा यूनिवर्सिटी के साथ यह साझेदारी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, वैश्विक शोध नेटवर्क तक पहुँच तथा नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। यह सहयोग विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को सशक्त करने के साथ-साथ सामाजिक रूप से प्रासंगिक और मूल्य-आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा देगा।
यह अंतरराष्ट्रीय समझौता उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डीडीयूजीयू की दूरदर्शी सोच, अकादमिक उत्कृष्टता और वैश्विक मंच पर सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है। भविष्य में यह साझेदारी वित्तपोषित शोध, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगी।

rkpnews@desk

Recent Posts

मेदांता गुरुग्राम और लॉज निपाल नं. 38 की पहल

गोरखपुर में सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क हेल्थ चेकअप कैम्प 21 और 22 जून को…

24 hours ago

पकड़े गए सड़क पर खड़े ट्रकों एवं स्कूल के बगल से शराब की दुकानको हटाने की उठी मांग

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l तहसील बरहज मे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय समानता…

24 hours ago

निर्माणाधीन हाईवे पर हादसो का सिलसिला डम्पर की चपेट में आकर एक की मौत

धूल से आसपास के लोग परेशान, ट्रकों की तेज रफ्तार पर उठे सवाल, भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की…

1 day ago

मालिक के इंतजार में पोखरी किनारे डटी रही गाय, दर्दनाक हादसे ने झकझोरा गांव

कुशीनगर में दर्दनाक हादसा: पोखरी में डूबने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत, गाय की…

3 days ago

विकास प्रदर्शनी व जनकल्याणकारी शिविर का प्रभारी मंत्री ने किया शुभारंभ

प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला आयोजित संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के 12…

3 days ago

पुलिस महकमे में आंशिक फेरबदल नवागत आभा सिंह बनीं सीओ कैंट

एसएसपी ने महत्वपूर्ण सर्किल की सौंपी जिम्मेदारी, अरुणकुमार एस को सीओ लाइन का प्रभार गोरखपुर(राष्ट्र…

3 days ago