आग बुझाने में झुलसे परिजन नकद रूपए सहित राशन कपड़े भी जले
खजनी गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
क्षेत्र में बीती शाम कलवारी गांव में रहने वाले रंगलाल शर्मा के पुत्र महेन्द्र शर्मा के छप्पर के घर में अज्ञात कारणों से लगी आग ने, गरीब परिवार को सड़क पर ला दिया। विकराल आग की लपटों में सब कुछ जलकर खाक हो गया। आपदा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घर में एक रूमाल का टुकड़ा भी साबूत नहीं बचा।
कलवारी गांव के महेंद्र शर्मा अपनी पत्नी माधुरी शर्मा और तीन बच्चों के साथ फूंस के छप्पर के घर में रहते थे। गांवों में फेरी लगाकर कपड़े और साड़ियां बेंच कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
जल्द ही रहने के लिए अपना पक्का मकान बनाने के लिए उन्होंने लगभग डेढ़ लाख रुपए जमा किए थे और अपने छप्पर के घर में ही रखे हुए थे। बीती रात अचानक आग लगते ही परिवार के लोग जान बचाकर बाहर निकले फूंस के छप्पर में लगी आग ने पल भर में ही विकराल रूप धारण कर लिया,आग की ऊंची लपटें देख कर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। किंतु सबकुछ जलने के बाद ही आग बुझाई जा सकी। आग बुझाने के प्रयास में माधुरी शर्मा और बेटी अंजली शर्मा आग की लपटों से झुलस गईं।
महेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी ने बिलखते हुए बताया कि डेढ़ लाख रुपए घर बनवाने के लिए व्यापारियों से कर्ज लेकर रखे थे। लगभग 500 पीस साड़ियां और कपड़े,कीमती गहने खाने और घरेलू उपयोग के सामान 20 क्विंटल गेहूं 10 क्विंटल चावल 3 क्विंटल सरसों आदि सभी सामान
चार मोबाइल फोन, आधार कार्ड बैंक पासबुक, एलआईसी के कागज सब जलकर राख हो गए। परिवार के सर से छत उजड़ गई और खाने के लाले पड़ गए हैं। सबेरे खजनी तहसील से मौके पर पहुंचे लेखपाल वीरेंद्र श्रीवास्तव ने आग से लगभग 10 लाख रूपए की क्षति होने का अनुमान लगाया। दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार का रो कर बुरा हाल है।
बीती शाम लगभग 7 बजे आग लगने के बाद सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ी और थानाध्यक्ष बांसगांव की गाड़ी मौके पर पहुंची तब तक आग ठंडी पड़ चुकी थी।
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