महुआ बाजार /बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा) राप्ती नदी का जल स्तर काफी कम हो गया, लोगों को राहत मिली, बाढ़ प्रभावित गांवो के लोग खुश हैं कि अब कभी भी कहीं भी किसी समय आया जाया जा सकता है। किंतु किसानो की बात करे तो सबसे अधिक दुखी वही है। पानी कम होने पर किसान लालबिहारी ग्राम तिलखी जब अपने खेतों में लगे धान का फसल देखने गए तो फसल दुबारा रोपाई के बाद आए बाढ़ से गल जाने पर बहुत दुखी हुए। बताया कि बैरन लगाते ही बाढ़ आ गई, दुबारा पुरे क्षेत्र के लोगों ने इधर उधर से बीज लाकर रोपाई किया किंतु उसके बाद भी फसल गल गया। बभनी बुजुर्ग, तिलखी बढ़या, मोहनजोत,मटियारिया कर्मा, बाघाजोट, फतेपुर, जानुकी, जनुका , विरदा बनिया भारी, केवटली, देवारिया अर्जून, मलमलिया, बांक भवानी, साहित दर्जनों गांवों के किसानों की समस्या एक सी है।
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