मऊ(राष्ट्र की परम्परा)l भीषण गर्मी और धूप की तीक्ष्णता से लोग बेहाल हैं तो पशु- पक्षियों की अकुलाहट भी कुछ कम नहीं हैl उधर तरफ धान की नर्सरियां भी पानी की आस में दम तोड़ती नजर आ रही हैंl पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बादलों की उमड़ – घुमड़ का खेल देखकर लोगों का बारिश के प्रति आशान्वित होना पूरी तरह स्वाभाविक हैl किंतु बादलों के इस खेल से किसी को कुछ भी मिलता प्रतीत न हो तो लोगों का मायूस होना भी लाजिमी हैl
हालांकि मौसम कुछ न कुछ बेईमानी तो करता ही है और यह बात सबको मालूम भी है लेकिन वह बेवफाई भी करेगा, यह बात लोगों की कल्पनाशीलता से परे हैl लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए नदियों का सहारा ले रहे हैंl
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संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क पर रहने वाले अनाथ, परित्यक्त और असहाय व्यक्तियों के चिन्हांकन…