बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
देवरिया जिले में प्री-मानसून की आहट के साथ ही किसानों ने धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दी है। बीज विक्रेताओं की दुकानों पर किसान धान का बीज खरीदने में जुट गए हैं। पौध तैयार होते ही धान की रोपाई शुरू हो जाएगी।जिला समेत विकास खंड क्षेत्र में किसानों को मानसून की बारिश अच्छी होने की उम्मीद अभी से दिखने लगी है।
पथरदेवा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसान अपने अपने खेतों को नर्सरी के लिए तैयार करने में जुटे हैं।पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।मौसम के रुख को भांपकर किसान नर्सरी तैयार कर धान की पैदावार करने के लिए अभी से सक्रिय हो गए है। धान की रोपाई जून माह के अंतिम सप्ताह एवं जुलाई माह के प्रारंभ में शुरू हो जाएगी। रोपाई से पहले किसान नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। धान की रोपाई समय से हो जाने पर अच्छी फसल होने की संभावना रहती है।
कृषि रक्षा प्रभारी पथरदेवा मुन्ना कुमार शाह ने बताया कि एक एकड़ खेत के लिए महीन धान 12 किग्रा एवं मोटा धान का 15 किग्रा बीज लें।बीजों को पानी से भीगोने के बाद अंकुरित होने पर गिराए।उससे पहले बीज को कार्बेन्डाजिम (बाविस्टिन) 250 ग्राम से प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करें।नर्सरी में 1किग्रा डीएपी,2 किग्रा पोटास,250 ग्राम कार्बोफ्यूरान व गोबर की खाद अथवा केंचुआ खाद डालकर भुरभुरा बनाएं।सिंचाई के बाद अंकुरित बीज का छिड़काव करें।
मंसूरी धान की पौध के लिए नर्सरी प्रगति पर हैं। अगले 20 दिन में पौध तैयार होने के बाद इसकी रोपाई शुरू हो जाएगी।
अजय राय, किसान
धान की कुबेर एवं सुगंधा किस्म की पौध तैयार कर रहे हैं। इसमें पानी की खपत कम होती है।
राजेंद्र राय, किसान मेंदीपट्टी
जुलाई महीने की शुरुआत में धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। मानसून की स्थिति को देखकर किसान अपनी धान की पौध को रोपेंगे। अगर बारिश नहीं होती है तो ट्यूबवेल या पंपिंसेट से खेत में पानी भरना पड़ेगा।
केशव राय, किसान
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