भारत की रक्षा नीति के युग निर्माता और आत्मनिर्भर राष्ट्र के सशक्त शिल्पी-राजनाथ सिंह

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत के राजनीतिक क्षितिज पर जिन विभूतियों ने अपनी सादगी, दृढ़ता, राष्ट्रभक्ति और कर्मठता से अमिट छाप छोड़ी है, उनमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उनकी राजनीति केवल पद और सत्ता की राजनीति नहीं है, बल्कि सिद्धांतों, मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति अद्भुत समर्पण की प्रेरक यात्रा है। आज वे भारत की रक्षा नीति, सामरिक रणनीति और आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र के मजबूत स्तंभ बनकर उभरे हैं।

संघर्ष से सत्ता तक : प्रेरणादायक राजनीतिक यात्रा

उत्तर प्रदेश की राजनीति से शुरू हुई राजनाथ सिंह की यात्रा धीरे-धीरे राष्ट्रीय परिदृश्य पर विस्तार लेती गई। भले ही वो मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और अब रक्षा मंत्री, हर भूमिका में उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उनकी पहचान एक ईमानदार, दूरदर्शी और निर्णायक नेता के रूप में है, जिनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नींव

राजनाथ सिंह के कार्यकाल में भारत की रक्षा नीति में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिले हैं। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनकी केंद्रीय भूमिका रही है। आज भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों की पूर्ति में आत्मनिर्भर हो चुका है, बल्कि विश्व के कई देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है। टैंक, मिसाइल, लड़ाकू विमान से लेकर हल्के हथियारों तक, भारतीय तकनीक की गूंज अब वैश्विक मंचों पर सुनाई देने लगी है।

एससीओ बैठक में भारत का नया तेवर

हाल ही में चीन के किंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने एक बार फिर भारत के दृढ़ और स्पष्ट रुख का परिचय दिया। आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान द्वारा परोक्ष समर्थन की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह कदम पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए एक स्पष्ट संदेश था – नया भारत अब चुप नहीं बैठेगा।

नया भारत – नई सोच

राजनाथ सिंह का राजनीतिक दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नये भारत – विकसित भारत’ के सपनों से पूर्णतः जुड़ा हुआ है। उनकी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि जमीन पर क्रियान्वित होती हैं। भारतीय सेनाओं का आधुनिकीकरण, स्वदेशी उपकरणों की प्राथमिकता, और रक्षा बजट का व्यावहारिक उपयोग – ये सभी निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाते हैं।

विश्व मंच पर भारत की विश्वसनीयता

आज वैश्विक मंचों पर भारत की छवि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र की है। राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में इस छवि को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी नीतियों के कारण ही भारत के रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और भरोसेमंदी को विश्व में मान्यता प्राप्त हो रही है।

Editor CP pandey

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