उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।
ग्राम हुसेनाबाद के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन ने पांच करोड़ की लागत से बन रहा पेयजल परियोजना का शुभारंभ किया लेकिन अधूरा धन मिलने से कार्यदाई संस्था चार वर्ष से बजट का इंतजार कर रही है। परियोजना पूरी न होने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है।
शासन ने ग्राम हुसेनाबाद के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 4.99 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन होने पर कार्यदाई संस्था को पहली किश्त 2.51करोड़ मिलने पर कार्यदाई संस्था ने निर्माण कार्य शुरू कराया। संस्था ने इसके लिए पानी की टंकी व कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण कराया लेकिन शेष धन का आवंटन शासन से न मिलने से कार्यदाई संस्था ने निर्माण अधूरा छोड़ दिया। संस्था ने आवासीय भवन में दरवाजा खिड़की, फर्श व रगाई पोताई नहीं कराई। पानी की टंकी का कनेक्शन पम्प से नहीं जोड़ा गया। भवन परिसर में बिजली का टांसफार्मर रखा है लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है। इस गांव के 42 मजरो में पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाने से ग्रामीणों के घरों में पानी का कनेक्शन नहीं हुआ है। चार वर्ष बीतने के बाद अवशेष धन को शासन ने आवंटित नहीं किया है। अधिशासी अभियंता मुकीम अहमद ने बताया कि इस योजना में लगभग अस्सी प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अवशेष धन की मांग शासन से की गई है। शासन से धन मिलने पर सभी निर्माण कार्य पूरा करा लिया जावेगा।
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