वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका में व्यापार नीति को लेकर बड़ा संवैधानिक विवाद सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उनकी वैश्विक टैरिफ नीति को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए इसे “अमेरिकी श्रमिकों की पीठ में छुरा घोंपना” बताया और कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
ट्रंप बोले – ‘फैसला शर्मनाक, हम जीतेंगे’
ट्रंप ने लिखा,
“मेरी टैरिफ नीति अमेरिका को फिर से महान बना रही थी, नौकरियां वापस ला रही थी। 6-3 का यह फैसला शर्मनाक है। हम वापस लड़ेंगे और जीतेंगे।”
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रशासन दूसरे कानूनी प्रावधानों के जरिए टैरिफ दोबारा लागू करने की कोशिश करेगा।
10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ का ऐलान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप ने बड़ा कदम उठाते हुए 10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है।
उन्होंने कहा कि:
• Section 232 (National Security Tariff) के तहत लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे।
• Section 301 टैरिफ भी प्रभावी रहेंगे।
• वे Trade Act 1974 के Section 122 के तहत 10% नया ग्लोबल टैरिफ लागू करेंगे।
• यह नया टैरिफ मौजूदा सामान्य टैरिफ के ऊपर होगा।
ट्रंप आज ही इस संबंध में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की नीति?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया।
मुख्य न्यायाधीश John Roberts ने बहुमत का निर्णय लिखते हुए कहा कि:
“राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित हैं और IEEPA के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
कोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय आपातकालीन कानून का उपयोग इतने बड़े पैमाने पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाने के लिए नहीं किया जा सकता।
क्या बढ़ेगा वैश्विक व्यापार तनाव?
ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो वे:
• किसी खास देश के साथ व्यापार बंद कर सकते हैं
• पूर्ण प्रतिबंध लगा सकते हैं
• वैकल्पिक कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कोर्ट के फैसले के तहत वे “जुर्माना नहीं लगा सकते”।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले और नई टैरिफ घोषणा से अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदार देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
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