डीएम ने की सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा,रैंकिंग प्रभावित हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तयडैशबोर्ड

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)।जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अंकित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की उदासीनता से जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है, तो उत्तरदायित्व तय करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने सभी अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का क्रियान्वयन शासन की मंशानुरूप सुनिश्चित करें, अन्यथा लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड के तहत 59 योजनाओं एवं कार्यक्रमों के आधार पर जनपदों की रैंकिंग तय की जाती है। जनपद को इनमें से 28 योजनाओं में ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त हुआ है। इन योजनाओं में डीजी शक्ति, राइट ऑफ वे, पेट्रोल पंप सत्यापन, मंडी आय एवं आवक, औषधि विक्रय लाइसेंस, गन्ना पर्ची वितरण, एलओआई के लिए ऑनलाइन आवेदन, कृषि से गैर कृषि भूमि परिवर्तन, अधिवास, आय, जाति प्रमाण पत्र, ई-खसरा, एकीकृत आपदा राहत प्रबंधन, एंटी भू-माफिया अभियान, भूलेख, सॉल्वेंसी प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष आदि शामिल हैं।डीएम ने ‘फैमिली आईडी’ बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और विशेष रूप से सदर, रुद्रपुर, बरहज और पथरदेवा ब्लॉकों का उल्लेख करते हुए वहां कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित करने और आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय, प्रभागीय वन अधिकारी कासरला राजू, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जैनेंद्र सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी जेआर चौधरी, जिला आपूर्ति अधिकारी संजय पांडेय, डीपीआरओ रतन कुमार, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, डीएचओ राम सिंह, ईडीएम राजीव कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश: जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। डीएम ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रणाली सीएम डैशबोर्ड का महत्वपूर्ण घटक है। जनशिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी प्रकरण में आख्या लगाई गई हो तो उसकी सूचना आवेदक को फोन पर भी दी जाए। अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ प्रकरण लंबित न रखे जाएं। सभी अधिकारी अपने दायित्व को समझें और समय से अद्यतन आंकड़े अपलोड करें।

rkpnews@desk

Recent Posts

मिठाई ताजा या पुरानी? काउंटर पर ‘टुडे’ लिखा, खाद्य सुरक्षा विभाग से जवाब मांग रहे सवाल

देवरिया में मिठाई की दुकानों पर ‘टुडे’ का खेल! पुरानी मिठाई को ताजा बताकर बेचने…

4 hours ago

₹2 के चक्कर में रेस्टोरेंट पर ₹1.06 लाख की मार! ₹18 की बोतल ₹20 में बेचना पड़ा भारी

ग्राहक के दो रुपये लौटाने से इनकार पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग का बड़ा आदेश; जानिए…

4 hours ago

ट्रंप से मस्क तक बदले अमेरिकी सुर! रूस के तेल से लेकर H-1B वीजा तक भारत का दबदबा या बदलते वैश्विक समीकरण?

Aiनिर्मित नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर देश…

5 hours ago