बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद, सपा ने मांगा ₹50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा; KCC कर्ज पर भी बड़ी मांग
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बेमौसम बारिश और तूफान ने देवरिया के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लहलहाती धान, गन्ना, दलहन और साग-सब्जियों की फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। फसलों को हुए नुकसान के बीच समाजवादी पार्टी ने किसानों को तत्काल राहत देने की मांग तेज कर दी है। सपा नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और प्रदेश सरकार तथा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
फसल बर्बादी पर सपा का सरकार से सवाल
समाजवादी पार्टी देवरिया के जिलाध्यक्ष व्यास यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि बेमौसम बारिश और तूफान से प्रभावित किसानों को राहत देने में देरी न की जाए। किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आ रही परेशानियों से उबर सकें।
इस दौरान पूर्व विधायक आशुतोष उपाध्याय बबलू, अनुग्रह नारायण सिंह, खोखा सिंह, गजाला लारी,कमलेश पाण्डेय जिला पचयत सदस्य , प्रदीप यादव,दीनानाथ कुशवाहा और स्वामीनाथ यादव विजय यादव, मनीष सिंह,विजय रावत, दिव्यांश श्रीवास्तव, अनिल यादव, सीमा यादव, हृदय शंकर यादव, मुरली मनोहर जायसवाल, मुन्ना यादव नसीम लारी, पंकज वर्मा, रणवीर यादव,सहित कई सपा नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए फसल का नुकसान केवल खेत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर उनकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों पर भी पड़ता है।
₹50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा और KCC पर ब्याज माफी की मांग
सपा की ओर से प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग की गई। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के कर्ज पर ब्याज माफ करने और एक साल तक कर्ज की वसूली स्थगित रखने की मांग भी उठाई गई। पार्टी का कहना है कि जब प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, तब उन्हें कर्ज चुकाने के दबाव से राहत मिलनी चाहिए।
किसानों को तत्काल सहायता मिलने से उन्हें खाद, बीज और कृषि संबंधी अन्य जरूरी खर्चों की व्यवस्था करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में फसल क्षति का निष्पक्ष सर्वेक्षण और समय पर मुआवजा वितरण प्रभावित परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के विशेष आमंत्रित सदस्य कमलेश पांडेय ने किसानों के हित में प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों को राहत देने, फसल नुकसान का आकलन कराने और आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अब किसानों की निगाहें प्रशासन और प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि फसलों के नुकसान का आकलन कब तक पूरा होगा और प्रभावित किसानों को राहत राशि कब मिलेगी। यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो पहले से खेती की लागत और कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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