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डीडीयू ने एईसी तथा एसईसी की पाठ्य सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर के अपने सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य दक्षता अभिवृद्धि पाठ्यक्रमो (एईसी) तथा कौशल अभिवृद्धि पाठ्यक्रमो (एसईसी) की पाठ्य सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध इन सभी कोर्स कंटेंट और वीडियो लेक्चर्स का लाभ विद्यार्थी घर बैठे भी उठा सकेंगे।
इस सुविधा का लाभ परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे 90 हजार से अधिक विद्यार्थियों को होगा। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है जिसने इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए इन अनिवार्य पाठ्यक्रमों को निःशुल्क और ऑनलाइन उपलब्ध कराया है।

क्या है एईसी और एसईसी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी को शुरुआती चार सेमेस्टरों में से हर एक में एक दक्षता अभिवृद्धि पाठ्यक्रम (एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स) तथा पहले तीन सेमेस्टर में प्रत्येक में एक कौशल अभिवृद्धि पाठ्यक्रम (स्किल एन्हांसमेंट कोर्स) का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। हर विश्वविद्यालय को दोनों तरह के कई कोर्सेज प्रस्तावित करने हैं। जिसमें से विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार किसी एक का चयन कर सकेगा।
ऐसे कोर्सेज के संचालन संबंधी स्थितियों के मद्देनजर कुलपति प्रो पूनम टंडन ने निर्देश दिया था कि इसकी कक्षाएं संचालित करने वाले विभाग कोर्स कंटेंट और वीडियो लेक्चर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएं ताकि महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी लाभान्वित हो सकें।
विश्वविद्यालय में एनईपी के नोडल समन्वयक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि 5 एईसी क्रमशः नाथ पंथ एवं दर्शन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार एवं दर्शन, राष्ट्र गौरव, वैदिक गणित तथा इथिक्स, इंटीग्रिटी एंड एप्टीट्यूड और 9 एसईसी क्रमशः मीडिया लेखन कौशल, संस्कृत लेखन कौशल, बेसिक अर्थमेटिक, वर्मिकल्चर, बेकरी एंड कुकरी, बेसिक अकाउंटिंग, फिजिकल फिटनेस, साइकॉलजी ऑफ हैपीनेस एंड वेल बीइंग तथा फिजिक्स वर्कशॉप स्किल्स से संबंधित 33 मुद्रित सामग्री और 15 वीडियो लेक्चर विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://ddugu.ac.in/newweb/courses-syllabi-timetables.php पर उपलब्ध हैं।
इस संबंध में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का कहना है कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मुख्य विषयों से अलग दक्षता और कौशल अभिवृद्धि के कोर्सेज शुरू से रहे हैं पर कई जगह  शिक्षकों या संसाधनों की कमी से इन कोर्सेज की कक्षाएं या पढ़ाई प्रभावित हो जाती थी। कोर्स कंटेंट ऑनलाइन उपलब्ध हो जाने से अब सभी विद्यार्थी समान रूप से लाभान्वित हो सकेंगे। मै उन सभी विभागों को बधाई देती हूं जिन्होंने न्यूनतम समय में विषय सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार किए।”

rkpnews@somnath

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