महीनों से खराब पड़ीं पर्यटन विभाग की स्ट्रीट लाइटें
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
चितबड़ागांव क्षेत्र के ऐतिहासिक व पौराणिक आस्था स्थल कामेश्वर धाम मंदिर परिसर तथा उसके आसपास लगी सभी स्ट्रीट लाइटें बीते कई महीनों से खराब पड़ी हैं। इससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और रात्रि के समय मंदिर परिसर में अंधेरा छाया रहता है। जानकारी के अनुसा बलिया–गाजीपुर सीमा पर स्थित कारों गांव में भगवान शिव का यह विशाल व प्राचीन मंदिर स्थापित है, जिसकी आस्था दूर-दूर तक फैली हुई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब बक्सर क्षेत्र में महर्षि विश्वामित्र की तपस्या को ताड़का आदि राक्षस भंग किया करते थे, तब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या से भगवान राम व लक्ष्मण को लेकर जाते समय एक रात्रि इसी स्थान पर ठहरे थे। तभी से यह स्थल धार्मिक महत्व का केंद्र माना जाता है। समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों व जनप्रतिनिधियों द्वारा मंदिर की भव्यता और विकास के लिए सहयोग किया जाता रहा है। लगभग दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर और चारों ओर दर्जनों स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं, जिससे पूरा मंदिर क्षेत्र रात में जगमगा उठा था।
मंदिर के पुजारी रमाशंकर दास ने बताया कि लाइटें लगने के महज दो माह बाद ही एक-एक कर सभी खराब हो गईं। कई बार संबंधित विभाग को जानकारी देने के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि रात्रि आरती व सावन जैसे विशेष अवसरों पर अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने पर्यटन विभाग से शीघ्र स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि आस्था के इस केंद्र की गरिमा बनी रह सके।
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