समालोचना उसका हक़

कविता की रचना जब कोई कवि
अपनी कल्पना में जाकर करता है,
यदि पाठक रचना में गलती खोजे,
समालोचना उसका हक़ होता है।

बिना गलती के गलती खोजे यह,
बिगड़ी आदत के कारण होता है,
लेकिन ख़ुद जब वह लिखना चाहे,
एक पंक्ति पूरी नहीं लिख पाता है।

निंदा और समालोचना, सोचने
और समझने के दो पहलू होते हैं,
पहला नकारात्मक पहलू होता है,
दूसरा सकारात्मक पहलू होता है।

नकारात्मकता पाठक को स्वयं
कवि, लेखक नहीं बनाने देती है,
सकारात्मक सोच की समालोचना
पाठक को लिखना सिखला देती है।

पाठक भी ऐसे ही कवि व लेखक
बन कर अपनी रचनायें दे पाते हैं,
आदित्य व्यर्थ ग़लतियाँ जो नहीं
खोजे वह रचनात्मक बन जाते हैं।

डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

उद्योग बन्धु की समीक्षा में निवेश और रोजगार सृजन को रफ्तार देने पर जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट…

2 minutes ago

24 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: बाबर से जयललिता तक इतिहास के सितारे

24 फ़रवरी को जन्मे व्यक्तित्व: इतिहास में आज का दिन24 फ़रवरी को जन्मे कई महान…

7 minutes ago

होली-ईद को लेकर पीस कमेटी बैठक: गाइड लाइंस पालन और सौहार्द बनाए रखने पर जोर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। आगामी होली और ईद पर्व को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न…

22 minutes ago

क्या आपके लिए आज का दिन रहेगा शुभ? जानिए अपनी राशि अनुसार प्रभाव।

पंचांग 24 फरवरी 2026: फाल्गुन शुक्ल सप्तमी, होलाष्टक प्रारंभ, दुर्गाष्टमी व्रत, शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल…

23 minutes ago

चकबंदी लेखपाल के निलंबन पर संघ का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। चकबंदी लेखपाल संघ ने सोमवार को लेखपाल राम प्रवेश…

34 minutes ago

कृषकों की समस्याओं के समाधान को गांव-गांव पहुंचेगा चकबन्दी प्रशासन

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। चकबन्दी प्रक्रिया के तहत कृषकों से फीडबैक प्राप्त कर…

40 minutes ago