महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सभापति डॉ. रतनपाल सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, निर्माण कार्यों, पदोन्नति, एसीपी, पेंशन भुगतान तथा अन्य देयकों में हो रहे विलंब की गहन समीक्षा की गई।
समिति ने जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों के पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य लंबित देयकों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025–26 में स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति का भी आकलन किया गया।
सभापति डॉ. रतनपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त एवं मृत कार्मिकों के लंबित देयकों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया में तेजी लाकर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के लंबित प्रकरणों की स्थिति से समिति को अवगत कराया। अधिकांश विभागों में लंबित मामलों की संख्या नगण्य पाए जाने पर सभापति ने संतोष व्यक्त किया। हालांकि यह भी सामने आया कि शेष प्रकरण मुख्यतः शासन स्तर पर लंबित हैं।
बैठक में कृषि, उद्यान, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। सभापति ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कार्ययोजनाएं समय से शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।
कृषि विभाग को मिलेट्स कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट उत्पादन करने वाले किसानों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। वहीं वन विभाग को वृक्षारोपण के बाद पौधों के संरक्षण और रख-रखाव के लिए विशेष उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व एवं माध्यमिक शिक्षा विभागों के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर भी सभापति ने जानकारी प्राप्त की और संबंधित विभागों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बजट की धनराशि का उपयोग न होना भी अपव्यय के समान है, इसलिए सभी विभाग उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभापति एवं समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभापति ने जनपद में देयकों के भुगतान एवं कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए जिलाधिकारी के नेतृत्व की सराहना की।
बैठक से पूर्व सभापति एवं समिति के सदस्यों का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
इस अवसर पर डीएफओ निरंजन सुर्वे, सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, डीसी एनआरएलएम जाकिर सहित सभी विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
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