देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सिर्फ कागजों में ही हो रही है। अफसर फोन उठाने का जहमत नहीं उठा रहे। जबकि हकीकत यह है कि बिजली पूरी नहीं मिल रही है। कभी लोकल फाल्ट तो कभी सुधार कार्यो के नाम पर रोजाना घंटों बिजली कटती है। कई मोहल्लों में हर दो मिनट में बिजली कट रही है। पुराने ट्रांसफार्मर भीषण गर्मी में जल रहे हैं। बदले जाने पर लोड नहीं उठा पा रहे हैं। लो वोल्टेज से उपभोक्ता हर वक्त परेशान हैं पर कोई सुनने को तैयार नहीं है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि अफसर बेपरवाह हो गए हैं। उन्हें किसी का डर नहीं है।
उपभोक्ताओं का कहना हैं कि लो वोल्टेज तो अब लगता है कि स्थाई समस्या हो गई है। पंखा ऐसा चलता है जैसे कोई हाथ से हिला रहा हो। पानी के मोटर नहीं चलते साथ ही अन्य उपकरणों भी कहते हैं कि अफसर निजीकरण का विरोध करते हैं और काम भी नहीं करते।
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