यूपी में शिक्षामित्र और अनुदेशकों को बड़ा तोहफा: मानदेय बढ़कर ₹18,000, 5 लाख कैशलेस इलाज की सुविधा
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षामित्र और अनुदेशक के लिए बड़ा ऐलान किया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घोषणा करते हुए कहा कि अब शिक्षामित्र का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह किया जाएगा, जबकि अनुदेशकों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह किया जाएगा।
यह फैसला अप्रैल से लागू होगा।
इस निर्णय से प्रदेश के करीब 1.47 लाख शिक्षामित्र और 28,000 से अधिक अनुदेशक सीधे लाभान्वित होंगे। सात वर्षों बाद मानदेय में हुई इस बढ़ोतरी को सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी: क्या बदला?शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी लंबे समय से चर्चा में थी। वर्ष 2014-15 में पूर्व सरकार के दौरान शिक्षामित्रों को अस्थायी रूप से समायोजित किया गया था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह समायोजन रद्द हो गया।भाजपा सरकार ने जुलाई 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹10,000 किया था। अब एक बार फिर शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹18,000 कर दिया गया है।सरकार के अनुसार यह फैसला शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।अनुदेशक मानदेय में भी बढ़ोतरीसिर्फ शिक्षामित्र ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अनुदेशकों को भी राहत मिली है। अनुदेशक मानदेय बढ़ोतरी के तहत उनका मासिक भुगतान ₹17,000 किया गया है। यह बढ़ोतरी शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा सरकार ने शिक्षामित्रों और उनके परिवार के लिए ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की है। यह सुविधा राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत दी जाएगी, जिससे शिक्षामित्र और अनुदेशक गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक संकट से बच सकेंगे।शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का यह कदम कर्मचारियों के लिए दोहरी राहत है।ट्रांसफर नीति भी लागूसरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब शिक्षामित्रों को ट्रांसफर की सुविधा भी मिलेगी। लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलन हो रहे थे। नई व्यवस्था से पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण संभव होगा।
कितने लोग होंगे लाभान्वित?लगभग 1.47 लाख शिक्षामित्र28,000 से अधिक अनुदेशकलाखों परिवारों को अप्रत्यक्ष लाभविशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी से ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।शिक्षा व्यवस्था पर संभावित असरउत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां प्राथमिक शिक्षा का बड़ा ढांचा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों पर निर्भर करता है। शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी, जिससे वे बेहतर ढंग से शिक्षण कार्य कर सकेंगे।सरकार का कहना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान करना उसकी प्राथमिकता है।
योगी सरकार का यह निर्णय प्रदेश के लाखों शिक्षामित्र और अनुदेशक परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी और स्वास्थ्य बीमा सुविधा से आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। अप्रैल से लागू होने वाली यह योजना शिक्षा क्षेत्र में नई ऊर्जा भर सकती है।
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