बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)l रूपईडीहा कस्बे में छठ महापर्व प्रत्येक वर्ष की भाति इस वर्ष भी हनुमंत सरोवर पर घूमघाम से मनाया जा रहा है। यह ब्रत महिलायें अपने बच्चो तथा परिवार की सुख शांति के लिए बिना अन्न जल ग्रहण किए यह व्रत रखती हैं । गौरतलव है कि एक लम्बे समय से छठ घाट की सीढियो के निर्माण के लिए कमेटी द्वारा बार – बार मांग की जा रही थी जिसे स्थानीय सांसद अक्षयबर लाल गौड़ भाजपा जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी रमेश अमलानी के प्रयास से दूसरी तरफ की सिढ़ियो का निर्माण ही गया है जिसके लिए छ्ठ पर्व के श्रद्वालुओं के तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं कि पुनः बहराइच मे मंत्री की पद पर नियुक्ति हो । बताते चले कि यह व्रत पूर्वी उतर प्रदेश के जिलो मे पाँच दिवसीय मनाने की परम्परा है प्रथम दिन नहाय खाय से शुरू होता है जो पाँचवे दिन उगते सूर्य की पूजा के बाद समाप्त होता है।इस सम्बंध मे छठ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एस के मदेशिया बताते हैं कि कस्बे मे छठ पर्व मनाने की शुरुआत पूरब से आए मदेशिया परिवार के पाँच तथा एक गुप्ता परिवार द्वारा शुरू किया गया था जो आज अनेक परिवार द्वारा यह ब्रत किया जा रहा है। इसी क्रम मे बताते चले कि छठ पर्व की शुरुआत करने वाले लोगों मे एक मात्र जिवित पंच्चानबे वर्षीय लिलावती देवी जो अब छ्ठ ब्रत रखने व चलने मे असमर्थ है जिहोने इस हनुमंत सरोवर से छठ व्रत की शुरुआत किया था ।इस छ्ठ कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष गुड्डू मद्धेशिया का कहना कि सिढियो के निर्माण हो जाने के बाद अब श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ चुकी है इस वर्ष नये घाट के निर्माण के बाद नये श्रदालु बढ गए है।
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