गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को सोमवार दो नई सौगात देने जा रही हैं।
कुलाधिपति डीडीयू के नए मूल्यांकन भवन का ऑनलाइन शिलान्यास करेंगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में ‘सेंसस डाटा रिसर्च वर्क स्टेशन’ की स्थापना के लिए जनगणना कार्य निदेशालय, केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृति मिल गई है, का कुलाधिपति इसका ऑनलाइन शुभारंभ करेंगी।
8.2 करोड रुपए की लागत से बनेगा नया मूल्यांकन केंद्र
विश्वविद्यालय में मूल्यांकन के लिए 8.2 करोड़ रुपए की लागत से नया परीक्षा मूल्यांकन भवन बनने जा रहा है। प्राचीन इतिहास विभाग के पश्चिमी में 13 हजार वर्गफीट जमीन में इसका निर्माण किया जाएगा।
कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय में नया मूल्यांकन भवन प्राचीन इतिहास विभाग के पीछे बनाया जाएगा। इसका 75% धन राज्य सरकार देगी। इसे 18 माह में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासन से धनराशि स्वीकृत हो चुकी है।
कुलपति ने कहा कि दो मंजिला भवन के निर्माण के लिए 8.5 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 75% खर्च शासन और 25% विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भवन एसी एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
विश्वविद्यालय में ‘सेंसस डाटा रिसर्च वर्क स्टेशन’ की होगी स्थापना”
‘सेंसस डाटा रिसर्च वर्क स्टेशन’ को विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी के साइबर लाइब्रेरी में स्थापित किया जाएगा। इस संदर्भ में 24 जून को कुलपति प्रो. पूनम टंडन व जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक शीतल वर्मा के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर भी किया जाएगा। ‘सेंसस डाटा रिसर्च वर्क स्टेशन’ स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थाओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और डाटा यूजर को लाभान्वित एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
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