लेख

सरकारी बैंकों की भूमिका और जनता का भरोसा — क्या खतरे में है?

क्या वास्तव में बैंक निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है?-वित्त मंत्री के बयानों से उत्पन्न हलचल, संकेत और सच्चाई-…

11 months ago

वंदे मातरम्: राष्ट्रहित की आध्यात्मिक प्रेरणा

डॉ सत्यवान सौरभ “वंदे मातरम्” भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आध्यात्मिक आधार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मातृभूमि…

11 months ago

“ईमानदारी की चीख में डूबा भारत: जब रिश्वत व्यवस्था की पहचान बन गई”

भ्रष्टाचार अब अपराध नहीं, एक “रूटीन” बन गया है — जहाँ मेहनत नहीं, जुगाड़ चलता है; और ईमानदारी को बेवकूफी…

11 months ago

जब सत्ता के हाथ में हो सारा पावर, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव? — बिहार चुनाव इसका उदाहरण

✍️ चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात बिहार में चल रहे विधानसभा चुनाव इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि जब कोई…

11 months ago

पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय: दो भाषाओं के सेतु–शिल्पी, जन–मन के सहज कवि

भारतीय साहित्य के व्यापक विस्तार में पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय का नाम उन रचनाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने अपनी…

11 months ago

शिक्षा का नया सवेरा: इक कलम, एक कदम और काँपता हुआ भविष्य

जब पाठ्यपुस्तक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि उम्मीद भी दे — स्कूलों, अध्यापकों और समाज के साझा ज़िम्मेदारी का सशक्त पाठ।…

11 months ago

पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी : राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा और भारतीय जनचेतना के प्रेरक शिल्पी

जन्मदिन पर विशेष: नवनीत मिश्र भारतीय राजनीति में जब भी वैचारिक दृढ़ता, संगठनात्मक कौशल और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले…

11 months ago

इतिहास के आईने में 7 नवंबर – बदलाव, बलिदान और बौद्धिकता का प्रतीक दिवस

महत्वपूर्ण कार्य,जन्म से निधन तक 7 नवंबर का दिन मानव सभ्यता के इतिहास में अनेक ऐतिहासिक घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के…

12 months ago

क्या “रेवड़ी संस्कृति” अब अमेरिकी लोकतंत्र में भी असर दिखा रही है?

न्यूयॉर्क के मेयर भारतीय मूल के ट्रंप विरोधी ममदानी चुने गए-यह भारत के लिए गर्व है या चुनौती ?या फिर…

12 months ago

“आख़िरी स्टेशन” – गाँव लौटे रघुवीर की जीवन यात्रा ने बदल दी माधवपुर की तस्वीर

माधवपुर/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। यह कहानी है रघुवीर नाम के एक मजदूर की, जो ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव झेलकर अपने…

12 months ago