लॉ में करियर: वकील, एडवोकेट और बैरिस्टर में क्या है अंतर? 12वीं के बाद ऐसे बनाएं भविष्य

अगर आप 12वीं के बाद लॉ (Law) में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि वकील (Lawyer), एडवोकेट (Advocate) और बैरिस्टर (Barrister) तीनों शब्द समान प्रतीत होते हैं, लेकिन इनके कार्य क्षेत्र, योग्यता और अधिकारों में स्पष्ट अंतर होता है। आम बोलचाल में भले ही इनका प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर कर लिया जाता हो, लेकिन कानून की दुनिया में इनकी अलग पहचान है।

कैसे शुरू करें लॉ में करियर?

12वीं के बाद अगर आप कानून के क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं, तो आपके पास दो मुख्य विकल्प होते हैं:

  1. 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स (BA LL.B/BBA LL.B/B.Com LL.B)

किसी भी स्ट्रीम (Arts/Commerce/Science) से 12वीं पास छात्र इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।प्रवेश के लिए CLAT, AILET, LSAT जैसे प्रतियोगी परीक्षाएं देनी होती हैं।इस कोर्स में कानून के साथ-साथ सामान्य विषयों की भी पढ़ाई होती है।

  1. 3 वर्षीय एलएल.बी (LL.B) कोर्स

ग्रेजुएशन के बाद किया जाने वाला कोर्स। यह उन छात्रों के लिए है जिन्होंने पहले किसी अन्य विषय में स्नातक किया हुआ वकील (Lawyer) कौन होता है?

वकील एक सामान्य शब्द है जो कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोग किया जा सकता है। एलएल.बी डिग्री प्राप्त करने वाला हर व्यक्ति वकील कहलाता है, चाहे उसने बार काउंसिल में पंजीकरण कराया हो या नहीं।

एडवोकेट (Advocate) कौन होता है?

एडवोकेट वह होता है जिसने एलएल.बी के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन करवा लिया हो और ‘All India Bar Examination (AIBE)’ पास कर लिया हो।
एडवोकेट को ही कोर्ट में मुवक्किल की ओर से बहस करने का कानूनी अधिकार होता है।
यह न्यायालय में केस लड़ सकता है और अपने क्लाइंट की ओर से पेश हो सकता है।

बैरिस्टर (Barrister) कौन होता है?

बैरिस्टर एक विशेष प्रकार का वकील होता है जो विदेश (मुख्यतः यूके) से लॉ की पढ़ाई (Barrister-at-Law) करता है। यह पद इंग्लैंड की इनर टेम्पल, मिडल टेम्पल, ग्रेज़ इन और लिंकन इन जैसी संस्थाओं से प्रशिक्षण के बाद मिलता है। भारत में बैरिस्टर की उपाधि आम नहीं है, लेकिन स्वतंत्रता से पूर्व कई प्रसिद्ध वकील (जैसे महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर) बैरिस्टर रहे हैं।
मुख्य अंतर:

पहलू वकील (Lawyer) एडवोकेट (Advocate) बैरिस्टर (Barrister)

योग्यता LLB डिग्री LLB + AIBE पास UK से लॉ की पढ़ाई
पंजीकरण जरूरी नहीं बार काउंसिल में अनिवार्य UK इनर टेम्पल आदि से
कार्य क्षेत्र कानूनी सलाह, डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में केस लड़ना कोर्ट में विशेष मामलों की पैरवी (UK)
भारत में मान्यता सामान्य पद कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त अब दुर्लभ, ऐतिहासिक महत्व करियर के अवसर: सरकारी वकील/पब्लिक प्रॉसीक्यूटर जज बनने की तैयारी (ज्यूडिशरी एग्जाम) कॉर्पोरेट लॉयर/कानूनी सलाहकार NGO/मानवाधिकार संगठन में कानूनी विशेषज्ञ

लॉ फर्म या स्वतंत्र प्रैक्टिस
एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण करियर विकल्प है। लेकिन इसमें प्रवेश करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आप किस दिशा में जाना चाहते हैं। वकील, एडवोकेट और बैरिस्टर — तीनों की भूमिकाएं अलग हैं और उनकी योग्यता भी। सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन के साथ यह क्षेत्र युवाओं को न केवल समाज में प्रतिष्ठा दिलाता है, बल्कि न्याय की लड़ाई में भी सहभागी बनाता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

माघी पूर्णिमा पर जिले भर में श्रद्धा से मनी संत रविदास जयंती

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद में संत शिरोमणि गुरु…

2 hours ago

केंद्रीय बजट सतत विकास के लिए मजबूत आधार: विजय कुशवाहा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन विजय कुशवाहा ने केंद्रीय बजट 2026–27…

2 hours ago

समाज में समरसता का संदेश देते हुए मनी संत रविदास जयंती

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर पर संत रविदास की जयंती नगर…

3 hours ago

घरेलू विवाद में माँ-बेटे ने खाया विषाक्त पदार्थ, जिला अस्पताल में भर्ती

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गाँव में रविवार शाम…

3 hours ago

युवा चेतना समिति का रजत जयंती स्वर्ण पदक समारोह 3 फरवरी को

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। युवा चेतना समिति, गोरखपुर के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर…

3 hours ago

फार्मर रजिस्ट्री से कोई भी किसान न रहे वंचित: डीएम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने विकासखंड घुघली अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलवा…

4 hours ago