बिहार के शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, म्युच्युअल ट्रांसफर अब बंद

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लंबे समय से लंबित शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया आखिरकार इसी माह से शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि इस बार तबादले जिला स्तर पर “स्थापना समिति” के माध्यम से किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि अगले एक हफ्ते में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।

म्युच्युअल ट्रांसफर पर रोक अब तक शिक्षक आपसी सहमति से म्युच्युअल ट्रांसफर कर पाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में यह सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। शिक्षा विभाग का तर्क है कि म्युच्युअल ट्रांसफर में कई बार गड़बड़ियों और असमानता की शिकायतें मिलती थीं। साथ ही, यह प्रक्रिया कई बार “लॉबी” और व्यक्तिगत संपर्कों पर आधारित रहती थी। अब पूरी जिम्मेदारी स्थापना समिति के हाथों में होगी।

डीएम की अध्यक्षता में समिति हर ज़िले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति तय करेगी कि किस शिक्षक का तबादला किस विद्यालय में किया जाएगा। शिक्षकों को पुनः आवेदन करने का अवसर मिलेगा।अंतरजिला ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प देना होगा, जिनमें से किसी एक जिले में उनका तबादला सुनिश्चित किया जाएगा।

एक लाख से ज्यादा शिक्षक इंतजार में विभाग के अनुसार, फिलहाल बिहार में एक लाख से ज्यादा शिक्षक तबादले की राह देख रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है जो पारिवारिक या पेशागत कारणों से अपने वर्तमान जिले से बाहर जाना चाहते हैं। अब तक म्युच्युअल ट्रांसफर उनके लिए सबसे आसान विकल्प रहा है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 23,578 शिक्षक म्युच्युअल ट्रांसफर का लाभ उठा चुके हैं। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई थी और कई शिक्षकों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई थी। समान कोटि के शिक्षक आपस में स्थान बदलकर पारिवारिक बोझ हल्का कर पाते थे।

पारदर्शिता बनाम आशंकाएं सरकार का दावा है कि समिति आधारित ट्रांसफर से पारदर्शिता आएगी और तबादले “योग्यता” या “जरूरत” के आधार पर होंगे। लेकिन शिक्षकों के बीच यह आशंका भी है कि कहीं नई व्यवस्था पहले से ज्यादा जटिल और राजनीतिक दबावों से प्रभावित न हो जाए।अब देखना यह होगा कि स्थापना समिति की नई व्यवस्था शिक्षकों के लिए राहत बनती है या उनके सामने नई चुनौतियां खड़ी करती है।

Editor CP pandey

Recent Posts

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

17 hours ago

घर में घुसे जहरीले कोबरा ने ली मासूम की जान, 10 वर्षीय सपना की मौत से गांव में मातम

निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…

20 hours ago

बीबीएयू में राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला, जिम्मेदार पत्रकारिता और फैक्ट-चेकिंग पर दिया गया जोर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…

2 days ago

भूगोल की पढ़ाई के खुले नए रास्ते, अब किसी भी संकाय के छात्र ले सकेंगे प्रवेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…

2 days ago

भाजपा नेताओं ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का किया भव्य स्वागत

बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…

2 days ago

विज्ञान और कहानी के संगम से निखरी बच्चों की प्रतिभा, ‘एससीआई-टेल्स 2026’ का भव्य आयोजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित 'एससीआई-टेल्स 2026 (साइंस, क्रिएटिविटी एंड…

2 days ago