बलिया में छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई, चौथी बार जारी हुआ जमानती वारंट


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष एवं जनपद के सक्रिय छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई ने एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। उपजिलाधिकारी बांसडीह द्वारा उनके विरुद्ध चौथी बार जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।प्रवीण कुमार सिंह जनपद में लंबे समय से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे समय-समय पर छात्रों, युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनधरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाते रहे हैं। छात्र संघों और राजनीतिक संगठनों में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें एक मुखर छात्र नेता के रूप में जाना जाता है।जारी जमानती वारंट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवीण कुमार सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि जिन मुकदमों को आधार बनाकर उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जा रही है, उनमें से किसी भी मामले में अब तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि सभी मुकदमे उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने और डराने के उद्देश्य से दर्ज कराए गए हैं।प्रवीण सिंह ने यह भी कहा कि जमानती वारंट जारी करने से पूर्व उन्हें न तो कोई समन दिया गया और न ही किसी प्रकार की सूचना उपलब्ध कराई गई। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना सुने और बिना सूचना दिए इस तरह की कार्रवाई करना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
छात्र नेता का आरोप है कि उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और छात्रों-किसानों के मुद्दों पर मुखर आवाज उठाने से कुछ लोग असहज हैं। इसी कारण उनके खिलाफ गुंडा एक्ट जैसे कड़े कानून का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यह पूरी कार्रवाई उन्हें जिला बदर करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है, ताकि वे जनहित के मुद्दों पर आवाज न उठा सकें।प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते रहेंगे और इस कार्रवाई को कानूनी व राजनीतिक स्तर पर चुनौती देंगे। उन्होंने छात्र संगठनों, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता से समर्थन की अपील भी की है।इस पूरे मामले को लेकर छात्र राजनीति और विपक्षी दलों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि आंदोलन और विरोध को अपराध की श्रेणी में रखकर नेताओं पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

rkpnews@somnath

Recent Posts

भाजपा ने बेरोजगारों को धोखा दिया-अरविन्द गिरी

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)सयुस के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरी के मंगलवार को जनपद आगमन पर…

21 minutes ago

अमेरिकी दबाव में भारत के फैसले, यह गुलामी नहीं तो क्या है( धीरेंद्र आनन्द मिश्रा)

बलिया (राष्ट्र की परम्परा ) ऑल इंडिया सेवा दल कांग्रेस प्रभारी पश्चिम बंगाल त्रिपुरा अंडमान…

23 minutes ago

12फ़रवरी को भारत बंद को लेकर भाकपा का आवश्यक बैठक सम्पन्न

बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)।मंगलवार 10 फ़रवरी को एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कैंप कार्यालय बरहज बाईपास…

1 hour ago

डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की ताईक्वांडो टीम का चयन 12 फरवरी को

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। मार्च के दूसरे सप्ताह में फकीर मोहन विश्वविद्यालय, बालासोर में आयोजित…

1 hour ago

निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी मंडलायुक्त

विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, जनता को जल्द मिले लाभ मंडलायुक्त गोरखपुर(राष्ट्र क़ी…

1 hour ago