गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। असम प्रान्त की अग्रणी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संगठन कुटुम्ब सुरक्षा परिषद् द्वारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अन्यतम पुरोधा महापुरुष श्रीमन्त शंकरदेव के 576वें जन्मोत्सव के अवसर पर अयोध्या में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सम्मेलन “महापुरुष श्रीमन्त शंकरदेव भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा” विषयक सम्मेलन आयोजित है। यह सम्मेलन 20 सितम्बर से 22 सितम्बर 2024 तक धर्म मण्डपम्,श्रीमणिराम दास छावनी, श्रीराम सत्संग भवन के प्रांगण में सम्पन्न होगा।
संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, श्रीमन्त शंकरदेव आसन, पंजाब विश्वविद्यालय, असम महिला विश्वविद्यालय और कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिभागी है सम्मिलित होंगें।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग की समन्वयक डॉ. लक्ष्मी मिश्रा के नेतृत्व में विभागीय आचार्य एवं शोधार्थी निर्धारित विषय पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगें। डॉ. लक्ष्मी मिश्रा सत्राध्यक्ष रूप में भी सम्मेलन के एक शैक्षिक सत्र का सञ्चालन करेंगी।
ज्ञातव्य है कि “कुटुम्ब सुरक्षा परिषद् सूत्रधार” शीर्षक से असमेतर राज्यों में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विशाल सम्मेलन का आयोजन करती है। श्रीमन्त शंकरदेव ने भारत की असम धरा पर भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को पुनरुज्जीवित करने के लिए है। जिस भारतीय साहित्य का सृजन सदियों पूर्व किया था, वह न केवल धार्मिक, अपितु साहित्यिक और सामाजिक दृष्टि से भी एक अन्यतम उपलब्धि है। उन्होंने भक्ति आन्दोलन के दियामनधर्म समाज के साथ जनमानस को नवजागरण का संदेश और शास्त्रों के सुदृढ़ अधार पर भारतीय एवं संस्कृति का विशाल दुर्ग निर्मित किया। उनके साहित्य और उनके दर्शन का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के लिए तथा राष्ट्रीय एकता, अखण्डता एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान को देश के जन – जन तक पहुँचाने के लिए परिषद् ने श्रीराम की पावन पुरी अयोध्या में उक्त सम्मेलन का आयोजन किया है।
प्राच्य विद्या वैदिक-संस्थान (न्यास) गुवाहाटी के सचिव तथा विशिष्ट वैदिक विद्वान विवेक कुमार मिश्र के सक्रिय नेतृत्व में समायोजित इस सम्मेलन में असम प्रान्त से लगभग तीन सौ प्रतिभागी भाग लेंगे और शोध पत्रवाचन के अलावा रचित एवं प्रचारित वरगीत, दीहानाम, भावना, अंकिया नाटकादि की रंगारंग प्रस्तुति प्रतिभागी शंकरदेव व्दारा थियनाम, करेंगे।
सनातन धर्म, शंकरदेव के जीवन-दर्शन प्रचार-प्रसार में सतत संलग्न कुटुम्ब सुरक्षा परिषद् के अध्यक्ष सत्यरंजन बरा ने इसके पूर्व श्रीधाम वृन्दावन ऐसे सम्मेलनों और महाकाल की नगरी उज्जैन में का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। आयोजकों ने कार्यक्रम को सपरिवार उपस्थित हो कर सफल बनाने के लिए प्रदेश की जनता अनुरोध किया है।
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