औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय पीस कमेटी बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में Holi, Eid al-Fitr, Ram Navami और रमजान जैसे प्रमुख पर्वों को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी धार्मिक स्थलों और आयोजन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए।
अधिकारियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर पुराने विवादों की जानकारी लेने और समय रहते समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी धार्मिक आयोजन में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। त्योहार पारंपरिक तरीके से ही मनाए जाएं।
यदि किसी क्षेत्र में नई परंपरा लागू करने का प्रयास हुआ तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कार्यों से बचें।
ये भी पढ़े – मऊ: राजस्व वसूली में ढिलाई पर प्रशासन सख्त, बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश
उप जिलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को जुलूस मार्ग चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
होलिका दहन स्थलों की सूची तैयार कर उनके फोटोग्राफ साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने को कहा गया, ताकि नए व अनधिकृत स्थानों पर आयोजन रोका जा सके।
मंदिरों और मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
बाजारों में भीड़ को देखते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने और दोबारा अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग योजना तैयार करने को कहा गया।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य किया गया, ताकि ध्वनि प्रदूषण से आमजन और परीक्षार्थियों को परेशानी न हो।
पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और अराजक तत्वों की पहचान कर पहले से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों को शांतिपूर्ण बनाने में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। अफवाहों से बचने और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई।
तीन सूत्रीय मांग पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं ने…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और कौशल आधारित नियुक्तियों को बढ़ावा देने…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने और रोजगार के अवसरों…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट…
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को नकलमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न…