प्रकृति संरक्षण की मिसाल: सीतामढ़ी DM रिची पांडे का सफाई अभियान बना जन-आंदोलन

सीतामढ़ी में DM रिची पांडे खुद उतरे लखनदेई नदी की सफाई में, स्थापना दिवस से पहले दिया स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण का संदेश

सीतामढ़ी (राष्ट्र की परम्परा)सीतामढ़ी में DM रिची पांडे द्वारा लखनदेई नदी किनारे चलाया गया सफाई अभियान पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। आगामी 11 दिसंबर को सीतामढ़ी जिला स्थापना दिवस मनाया जाना है और उससे पहले प्रशासन द्वारा लगातार स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में डीएम की सीधी भागीदारी ने इस अभियान को एक साधारण सरकारी गतिविधि से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन का रूप दे दिया।

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लखनदेई नदी के किनारे जब DM रिची पांडे स्वयं कचरा उठाते और सफाई करते दिखीं, तो यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया। उनके इस कार्य ने साफ संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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डीएम ने अभियान के दौरान कहा—
“नदी, तालाब और पोखर सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, समाज और धार्मिक जीवन की धरोहर हैं। इन्हें स्वच्छ रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रकृति स्वस्थ रहेगी, तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

यह पहल सिर्फ संदेश भर नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक उदाहरण है कि शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी जमीन पर उतरकर वही कार्य कर रहे हैं, जिसे वे जनता से अपेक्षा करते हैं। इससे लोगों में जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जुड़ाव बढ़ता है।

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सीतामढ़ी स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें पर्यावरण संरक्षण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। नदी किनारे की यह सफाई पहल न सिर्फ पर्यावरण-संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित प्राकृतिक धरोहर छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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जिलेभर में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों के बीच यह अभियान स्थापना दिवस से पहले एक सकारात्मक और प्रेरक माहौल तैयार कर रहा है। स्थानीय लोग भी इस पहल से जुड़ते दिखे और प्रशासन के साथ मिलकर स्वच्छ सीतामढ़ी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

Editor CP pandey

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