शीत लहर से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी

ठंड से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने के साथ ही निराश्रितों, असहायों एवं राहगीरों के लिए रैन बसेरों का किया गया है प्रबंध-जिलाधिकारी

बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।विगत कई दिनों से पड़ रही भीषण सर्दी और शीत लहर से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी डॉ महेन्द्र कुमार के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार द्वारा ठण्ड से बचाव के लिए गाइड लाइन यानी ठण्ड से बचाव को लेकर क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तार से बताया गया है।
जिलाधिकारी डॉ0 महेन्द्र कुमार ने बताया कि ठण्ड से बचाव को लेकर जिले में डेढ़ सौ स्थलों पर अलाव जलवाये जा रहे हैं, इसके साथ ही नगर क्षेत्र में दो जगहों पर, नगर पंचायत तुलसीपुर में एक, नगर पंचायत उतरौला में एक तथा नगर पंचायत पचपेड़वा में एक जगह पर निराक्षितों, असहायों एवं राहगीरों के ठकरने के लिए रैन बसेरे संचालित हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में कोई निराश्रित, असहाय अथवा राहगीर निःशुल्क ठकर सकता है। सभी रैन बसेरों में शासन के निर्देशानुसार समुचित प्रबन्ध किये गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने ठण्ड से बचाव के उपायों के बारे में बताते हुए कहा कि हमें लगातार समाचार पत्रों, रेडियो एवं टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें। कान, नाक व गले को ढक कर रखें। कई परत वाले गर्म कपड़े पहनें। कमरे को गर्म रखने के लिए जलावन यानी लकड़ी का प्रयोग कतई न करें क्योंकि इससे कमरे में धुआं फैलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। कोयले की अंगीठी, हीटर या ब्लोअर आदि का प्रयोग आप कर सकते हैं लेकिन सावधानी बरतते हुए। कमरे की खिड़कियां खोल के रखें ताकि अंगीठी से उत्पन्न जहरीले धुएं से आपको नुकसान न हो तथा कमरे में आक्सीजन की कमी भी न होने पावे। घर के अन्दर सुरक्षित रहें। जब तक बहुत आवश्यक न हो तब तक घर से बाहर न निकलें। स्नान हेतु गरम पानी का प्रयोग करें। विशेष परिस्थितियों के लिए ईंधन बचाकर रखें। शरीर को गरम रखने हेतु पेय पदार्थों एएवं पौष्टिक आहार का सेवन करते रहें। शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ पैर, कान पर सफेद या पीले रंग के दाग पड़ने पर तुरनत डाक्टर से सम्पर्क करें। शराब या मदिरा का सेवन न करें क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम कर देता है। कंप कपी को नजर अंदाज न करें तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें और सबसे जरूरी बात यह कि अपने पशुओं को रात में ढक कर रखें तथा उन्हें सड़कों पर न चराएं।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह ने बताया कि ठण्ड से बचने के लिए सर्दियों में तिल का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा खजूर का सेवन करें खजूर में विटामिन-ए, विटामिन-बी, कैल्शियम, पोटैशियम और अन्य विटामिन्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जिससे शरीर के पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। सर्दी में अंडे का भी सेवन करना चाहिए, अंडे में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही गुड़, अदरक, शहद और हल्दी दूध आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है, इसका सेवन भी बहुत फायेदमंद होता है।

rkpnews@somnath

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