गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) एडीजी जोन कार्यालय पर एडीजी जोन अखिल कुमार अपने समस्त कर्मचारियों अधिकारियों को राष्ट्रीय एकता की दिलाई शपथ।
एडीजी जोन ने मौजूद कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस का शपथ दिलाया की मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूँगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूँगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर को 1875 को गुजरात में हुआ था। इन्हें साल 1991 में उनके मरने के बाद सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
भारत में हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। सरदार वल्लभभाई पटेल एक लोकप्रिय नेता थे। भारत में जिन्हें भारत के एकीकरण कर्ता के रूप में भी जाना जाता है सरदार वल्लभ भाई पटेल नें भारत के 565 रियासतों (राज्यों) को एक करने के लिए जाने जाते हैं। भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों को सम्मानित करने के लिए हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह एक प्रभावशाली राजनेता थे जिन्होंने भारत को एक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय एकता दिवस पहली बार सरदार वल्लभभाई पटेल की 139 वी जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2014 को मनाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने के लिए घोषित किया तब से हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में सभी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी मनाते हैं।
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