अंबरनाथ (राष्ट्र की परम्परा ) अंबरनाथ पूर्व में स्थित जेपी रिजेंसी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला कि वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं की अपार आस्था और प्रेम से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
कथावाचक परमपूज्य वेंकटेशाचार्य पं. निलेश महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति और प्रेम से जोड़ने का एक दिव्य माध्यम है। उन्होंने बताया कि भागवत का श्रवण मात्र से मनुष्य अपने समस्त पापों से मुक्त हो सकता है, पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और गृहस्थ जीवन की समस्त बाधाएँ समाप्त हो जाती हैं। भागवत महापुराण को अमृत समान बताते हुए उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा और प्रेम से इसका श्रवण करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
महाराज ने द्वितीय दिवस में कुंती स्तुति, भीष्म प्रतिज्ञा और परीक्षित श्राप जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रेम और श्रद्धा से ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है, और जब पुण्य का उदय होता है, तभी किसी को भागवत कथा सुनने और इसके आयोजन का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन को सकारात्मकता और आत्मिक आनंद से भरने का सशक्त माध्यम है।
कथा स्थल पर ऐसा दिव्य वातावरण निर्मित हुआ मानो स्वयं वृंदावन सजीव हो उठा हो और राधा रानी अपनी कृपा बरसा रही हों। श्रद्धालु भक्ति भाव में पूर्णतः लीन हो गए और हरिनाम संकीर्तन के मधुर स्वरों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। कथा के दौरान कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर अश्रुपूर्ण नेत्रों से भगवान की भक्ति में डूब गए।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसमें भजन संध्या, प्रवचन, प्रसाद वितरण और संत समागम शामिल रहा। स्थानीय भक्तों के साथ-साथ दूरदराज से आए श्रद्धालु भी इस आयोजन में बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए, जिससे सभी भक्तजन भक्ति रस का आनंद सहजता से उठा सके।
इस आयोजन को लेकर नगर में भक्तिमय उत्साह का माहौल है। नगर के विभिन्न भागों से श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुँच रहे हैं और इस दिव्य कथा का श्रवण कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। भक्तगण बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ इस दिव्य कथा में सहभागी हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
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