9 बच्चों को मिला कॉक्लियर इंप्लांट का सुनहरा अवसर
मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जन्मजात मूक-बधिरता (गूंगे बहरेपन) से पीड़ित बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत निःशुल्क स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने जानकारी दी कि यह शिविर 10 नवम्बर 2025 (सोमवार) को जिला चिकित्सालय सभागार, में आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं एडिप योजना के अंतर्गत शिविर
नोडल अधिकारी डॉ. बी. के. यादव ने बताया कि यह शिविर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और एडिप योजना के अंतर्गत सतकृति के सहयोग से संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 23 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 9 बच्चों को कॉक्लियर इंप्लांट के लिए चिन्हित कर संदर्भित किया गया।
सरकार वहन करेगी 10 लाख तक का खर्च
डी.ई.आई.सी मैनेजर अरविंद वर्मा ने बताया कि कॉक्लियर इंप्लांट वाराणसी में किया जाएगा, और इसके बाद बच्चों की स्पीच थेरेपी मऊ में होगी। इस उपचार पर 8 से 10 लाख रुपये तक का खर्च आएगा, जिसे सरकार पूरी तरह से वहन करेगी।
कैसे पाएं इस योजना का लाभ?
अधिक जानकारी और इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अपने गांव की आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर RBSK टीम, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक या जिला चिकित्सालय स्थित मूक-बधिरता क्लीनिक एवं NHM कार्यालय में RBSK मैनेजर से संपर्क किया जा सकता है।
इस निःशुल्क शिविर ने मूक-बधिर बच्चों के भविष्य को सुनहरी राह दी है। सरकार की यह पहल उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।
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