
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)15 अक्टुबर…
घाघरा नदी में आयी बाढ़ के पानी के दबाव से शुक्रवार की रात सम्पर्क मार्ग का बड़ा हिस्स बह गया। इसके चलते दो गांवों के करीब साढ़े चार हजार आबादी का सम्पर्क अन्य जगहों से पूरी तरह से कट गया है। फिलहाल पीड़ित गांवों के लोग राहत की उम्मीद में टकटकी लगाएं हुए हैं।बाढ़ के पानी से टीएस बंधा-रेंगहा सम्पर्क मार्ग पर दबाव बना हुआ था। तीन दिनों से ग्रामीण प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरने के बाद सुरक्षा कवच बनाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि पानी के तेज बहाव के चलते उनकी मेहनत असफल साबित हुई तथा बंधा शुक्रवार की रात टूट गया। इसके चलते दो गांवों रामपुर नम्बरी के करीब दो हजार तथा रेंगहा के लगभग ढाई हजार की आबादी का सम्पर्क इलाके के अन्य हिस्सों से पूरी तरह से कट गया। इसकी जानकारी होने के बाद सीओ बांसडीह राजेश तिवारी व नायब तहसीलदार बांसडीह अंजू यादव ग्रामीणों के बीच पहुंची तथा नाव आदि का इंतजाम करने का भरोसा दिया। गांव के मनोज उपाध्याय, बुद्धिराम, लल्लन यादव, दिनेश आदि का कहना था कि बाढ़ प्रत्येक हर साल आती है और बंधे का कुछ न कुछ हिस्सा कटता है, जबकि लम्बे समय से सम्पर्क मार्ग पर पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है। उनका कहना कहना है कि अगर पुलिया का निर्माण हो गया होता तो शायद यह रास्ता बहने से बच जाता है।
संवाददाता बलिया..
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