
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।सदर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा दरौली में अन्नदाता अपनी कृषि की हानियों पर एक जगह इकट्ठा हो कर आपस में चर्चा कर रहे हैं कि खेती में लगी पूंजी वापस आने की संभावना नहीं है क्योंकि धान की फसल झुलसा और पिहिका रोग से पूर्ण रूप से प्रभावित हो गया है । फसल में जो पूंजी लगी है वह भी वापस आने की संभावना नहीं है। आज अन्नदाताओं के सामने एक सवालिया प्रश्न है कि हम आखिर केसीसी का भुगतान कैसे करेंगे और दो वक्त की रोटी की व्यवस्था कैसे हो पाएगी। राष्ट्र की परम्परा टीम से 75 वर्षीय जोखई वर्मा ने कहा कि हमारे पास संयुक्त परिवार है आखिर हम दो वक्त की रोटी का इंतजाम कैसे करेंगे अब जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। हमारे परिवार में बाहरी कमाई का कोई और स्रोत नहीं है।शिव पूजन गुप्ता ने कहा कि उधर कोरोना काल इधर खेती बदहाल रूप में मानसून की हानियों में भयानक क्षति हो गई है। ब्लॉक में बैठे वी डी ओ से लेकर उच्च अधिकारी तक किसान की पीड़ा कोई पूछने वाला नहीं है। एक तरफ सरकार की नीति पुआल को न जलाने का आदेश किसानों के लिए सरदर्द बना है। खेती में लगे रोग,अपना परवरिश, के सीसीसी कर्ज अकेले किसान को झेलना टेढ़ी खीर बन गई है।

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