February 22, 2026

राष्ट्र की परम्परा

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चन्द्रयान-3 के सफलता पूर्वक लांचिंग से जनपद के वाल-वैज्ञानिको में हर्ष

भारत ने विश्व के महाशक्तियों का ध्यान आकृष्ट किया

चंद्रमा पर भविष्य में पानी ,खनिज व जीवन के लिए आवश्यक अन्य स्रोतों का पता लगेगा

महराजगंज( राष्ट्र की परम्परा)।
राष्ट्रीय वाल विज्ञान कांग्रेस के अकादमिक समन्वयक /प्रवक्ता जीव विज्ञान जीएसवीएस इंटर कॉलेजअमरेन्द्र शर्मा ने चंद्रयान -3 के सफलता पूर्वक लांचिंग पर हर्ष व्यक्त किया। बाल वैज्ञानिक विज्ञान भवन में उपस्थित होकर हर्ष व्यक्त करते हुए आपस में एक दूसरे को मिठाईयां खिलाए ।
वाल वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि आंध्रप्रदेश के श्री हरिकोटा के सतीस धवन स्पेस सेंटर से लांच किया गया चंद्रयान-3 पिछले चन्द्रयान-2 के असफलता को पीछे छोड़ चुका है।
पिछले असफलता से सबक लेते हुए इसरो के वैज्ञानिकों ने इसरो के चेयरमैन सोमनाथ के नेतृत्व में कमाल कर दिया। चन्द्रयान-3 लॉन्चिंग के कुछ मिनट बाद ही पृथ्वी के कक्षा में स्थापित हो गया तथा 23 अगस्त को चांद पर लैंड कर जाएगा।
इस लांचिंग से भारत ने विश्व के महाशक्तियों का ध्यान आकृष्ट किया है।
चन्द्रयान-3 का रोवर(छोटा रोबोट) चंद्रमा पर उपस्थित पानी, खनिज व जीवन के लिए आवश्यक अन्य स्रोतों का पता लगाकर वहां पर भविष्य में मानव के लिए कॉलोनियां स्थापित करने में मदद करेगा।
चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद पर पहले से ही मौजूद है इसलिए इस चन्द्रयान-3 में ऑर्बिटर का प्रयोग नहीं किया गया। इस अवसर पर साजिद मोनू साक्षी अनुज राव राज मद्धेशिया अनिल सहित तमाम बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।