बलिया में प्रशासन का बड़ा एक्शन! सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम, रुकवाया जा रहा बाल विवाह


✍️ बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
बलिया। जनपद में बाल विवाह की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। रसड़ा थाना पुलिस के सहयोग से गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और बाल विवाह रुकवा दिया। कार्रवाई के दौरान संबंधित पक्ष को बाल विवाह प्रतिषेध कानून के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही भविष्य में इस तरह का आयोजन नहीं करने की शपथ दिलाकर लिखित घोषणा-पत्र भी लिया गया।
जानकारी के अनुसार, जनपद में बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने संबंधित पक्ष को समझाया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य और शिक्षा में बाधा बनता है, बल्कि उनके अधिकारों को भी प्रभावित करता है।
टीम ने संबंधित लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसके उल्लंघन से बचने की हिदायत दी। अधिकारियों की समझाइश के बाद बाल विवाह रुकवाया गया और संबंधित पक्ष से भविष्य में ऐसी गतिविधि नहीं करने का लिखित आश्वासन प्राप्त किया गया।
इस कार्रवाई में अज़हर अली, विनोद सिंह, अंजलि सिंह और आकांक्षा राय सहित रसड़ा थाना के पुलिसकर्मी शामिल रहे। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से बचाना और उन्हें शिक्षा, सुरक्षा तथा बेहतर भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है।
बाल विवाह की सूचना मिले तो चुप न रहें
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं। यदि कहीं भी नाबालिग की शादी कराए जाने की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयासों से ही बच्चों का बचपन सुरक्षित रखा जा सकता है। बाल विवाह मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर बच्चे को पढ़ने, आगे बढ़ने और अपने भविष्य को संवारने का पूरा अवसर मिलेगा।