गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा) सहायक आयुक्त राज्य कर खण्ड-5/प्रभारी मनोरंजन कर रोशन लाल ने बताया है कि उ0प्र0 चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1988 की धारा-3 के अनुसार मनोरंजन के लिए साधनों के संचालन हेतु जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस अपेक्षित है, जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस/अनुमति किये बिना तथा धारा-4क(1) केअनुसार कोई मनोरंजन जिस पर कर उद्ग्रहणीय हो, चाहे वह कर भुगतान करने के दायित्व से मुक्त हो या न हो, जिला मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना आयोजित/संचालित नहीं किया जायेगा। डाण्डिया, झूलों, मेलों, दीपावली, क्रिसमस नव वर्ष व अन्य अवसरों के उपलक्ष्य में कोई ऐसे मनोरंजन आयोजित होते है जिनके संचालन हेतु नियमानुसार विभागीय नियमावली के अधीन जिला मजिस्ट्रेट से लाइसेंस/अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया है कि किसी भी प्रकार के मनोरंजन के साधनों के संचालन किये जाने से पूर्व विभागीय ऑनलाइन पोर्टल http://up-gst.com/entertainmenttax/ पर आवेदन के साथ ही आवश्यक अनापत्तियां/औपचारिकताओं व प्रमाण पत्र आदि अभिलेख अपलोड किया जाता है। उपरोक्त पोर्टल पर आवेदन व समस्त वॉंछित अभिलेख अपलोड एवं उक्त की पुष्टि एवं प्रमाणन के उपरान्त पूर्व मनोरंजन कर कार्यालय की आख्या के साथ वांछित अनुमति हेतु जिला मजिस्ट्रेट को पत्रावली अग्रसारित की जाती है। अतएव बिना जिला मजिस्टेट की अनुमति प्राप्त किये उक्त प्रकार के आयोजन करने पर सम्बंधित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

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