
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रोमांच और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिल सकता है। गंगा के ऊपर प्रस्तावित एयर शो में जहां आसमान में विमानों की कलाबाजियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेंगी, वहीं नमो घाट पर संगीत, नृत्य और लोककलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी में हैं। 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित इस आयोजन के दौरान करीब 200 कलाकार आठ अलग-अलग मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मां गंगा पर आधारित नृत्य, भगवान शिव की नृत्य-नाटिका, वायुसेना का बैंड और देश के विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य काशी के सांस्कृतिक वैभव को नई पहचान देने की तैयारी में हैं।
आयोजन की खास बात यह होगी कि दर्शकों को एक ही जगह आसमान में विमानों का रोमांच और गंगा किनारे भारतीय संस्कृति की विविध छटा देखने का अवसर मिल सकता है। राजस्थान का पारंपरिक लोकनृत्य, पंजाब की जोशीली प्रस्तुति और असम का प्रसिद्ध बिहू नृत्य कार्यक्रम में अलग-अलग रंग भरेंगे। वहीं, भगवान शिव पर आधारित नृत्य-नाटिका और मां गंगा को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां काशी की धार्मिक पहचान को मंच पर जीवंत करेंगी।
नमो घाट के तीनों फेज में कुल आठ मंच तैयार किए जा रहे हैं। इनमें फेज-एक में तीन, फेज-दो में दो और फेज-तीन में तीन मंच बनाने की योजना है। कार्यक्रमों को इस तरह व्यवस्थित करने की तैयारी है कि एयर शो से पहले और बाद में भी लोगों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद मिल सके। वायुसेना के बैंड की प्रस्तुति भी आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी।
एयर शो को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए तकनीकी तैयारियां भी तेज की जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वायुसेना की ओर से रडार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और हॉटलाइन जैसी जरूरी व्यवस्थाएं स्थापित की जा रही हैं। दर्शकों तक आवश्यक सूचनाएं पहुंचाने के लिए 25 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली लगाने की तैयारी है। इसके साथ ही राजघाट से दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग का काम भी किया जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने में मदद मिल सके।
नमो घाट के फेज-दो तक पहुंचने वाले एक मार्ग का काम पूरा होने की जानकारी है, जबकि दूसरे संपर्क मार्गों पर भी काम जारी है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रास्तों, सुरक्षा प्रबंधों और आपातकालीन आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आपात स्थिति में वैकल्पिक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए गंगा क्षेत्र में करीब 200 मीटर लंबा अस्थायी पीपा पुल तैयार किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए जा रहे इस पुल से आदिकेशव क्षेत्र को नमो घाट से जोड़ने की योजना है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के तौर पर किया जा सकेगा। वीवीआईपी सुरक्षा और संभावित विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
काशी में प्रस्तावित इस एयर शो को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ सकती है। हालांकि, कार्यक्रम में विमानों की भागीदारी, प्रदर्शन का समय, दर्शकों के प्रवेश की व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर भी अंतिम पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जानी चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयर शो 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। ऐसे में काशी पहुंचकर इस रोमांचक आयोजन का हिस्सा बनने की योजना बना रहे लोगों को प्रशासन की आधिकारिक सूचना, निर्धारित दर्शक क्षेत्र और ट्रैफिक एडवाइजरी पर नजर रखनी चाहिए। यदि तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजन होता है, तो गंगा की लहरों के ऊपर विमानों का प्रदर्शन और नमो घाट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां वाराणसी के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकती हैं।
एयर शो की तारीखों और व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित है। अंतिम कार्यक्रम, प्रवेश नियमों और सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि संबंधित प्रशासन की आधिकारिक घोषणा से की जानी चाहिए।
