
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के जरिए सियासी माहौल को गर्मा दिया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि इस यात्रा को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, “बिहार में अब हर कोई ‘वोट चोरी’ की बात कर रहा है। चुनावी चोरी की कोशिश की जा रही है, लेकिन बिहार इसका विरोध कर रहा है और जल्द ही पूरा देश विरोध करेगा।”
राहुल गांधी ने हाल ही में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी की जीत पर उन्हें बधाई दी और उनसे हाथ मिलाया। यह कदम उन्होंने राजनीतिक मर्यादा और सौहार्द का परिचायक बताया।
16 दिन की यात्रा, 20 जिलों में होगा प्रचार ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत रविवार को सासाराम से हुई थी। 16 दिनों की यह यात्रा बिहार में मतदाता सूची के चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित की गई है।दूसरे दिन राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ औरंगाबाद पहुँचे।
19 अगस्त को उन्होंने सीपीआई(एम-एल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य के साथ नेवादा (नवादा) में रैली की। यात्रा 20 से ज़्यादा जिलों से गुजरते हुए 1,300 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करेगी और 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ समाप्त होगी।
भाजपा का पलटवार इस बीच भाजपा ने राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस सांसद पर “झूठ की दुकान” चलाने का आरोप लगाया। भाटिया ने कहा, “राहुल गांधी चुनावी राज्य बिहार में जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें देश से झूठ फैलाने के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।”
सियासत में बढ़ी हलचल बिहार में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है। राहुल गांधी की यह यात्रा जहां कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को मजबूती देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, वहीं भाजपा इसे जनता को भ्रमित करने का प्रयास बता रही है। अब देखना होगा कि इस अभियान का राज्य की राजनीति और मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है।