February 22, 2026

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कानपुर से 161 पुलिसकर्मी ‘गायब’, महाकुंभ ड्यूटी के बाद से नहीं मिले सुराग — विभाग में हड़कंप

कानपुर(राष्ट्र की परम्परा) यूपी पुलिस के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। कानपुर कमिश्नरेट से जुड़े 161 पुलिसकर्मी बीते छह महीनों से गायब चल रहे हैं, जिनका अब तक कोई अता-पता नहीं मिल सका है। इनमें कई पुलिसकर्मी हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ ड्यूटी के बाद से लौटे ही नहीं हैं, वहीं कई अन्य बिना सूचना दिए लंबी छुट्टी पर गए और फिर कभी वापस नहीं आए।

पुलिस विभाग की ओर से इन लापता कर्मियों की खोजबीन की गई, लेकिन ना ये अपने दर्ज पते पर मिले, ना ही अपने पैतृक गांवों में। इतना ही नहीं, इन सभी के मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन या हालचाल का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।

कौन-कौन हैं लापता — आंकड़े चौंकाने वाले: 41 पुलिसकर्मी विभिन्न ड्यूटी पर भेजे जाने के बाद से ‘गुम’ हैं। 39 जवान विभागीय कार्रवाई के बाद ‘डिसलोकेट’ हो गए हैं। 34 पुलिसकर्मी छुट्टी लेने के बाद से वापस नहीं लौटे। 27 पुलिसकर्मी बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर गए, लेकिन लौटे नहीं। 20 पुलिस जवान अन्य जिलों में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए थे, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी नहीं लौटे।

प्रशासन ने भेजे दो नोटिस, लेकिन अब तक चुप्पी इन सभी लापता पुलिसकर्मियों को विभाग की ओर से दो बार नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन किसी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में पुलिस कमिश्नरेट में भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या ये सभी जवान ड्यूटी से भागे हैं, या किसी संगठित साजिश का हिस्सा हो सकते हैं?मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कानपुर पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। अब देखना होगा कि पुलिस मुख्यालय क्या रुख अपनाता है — क्या सभी के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी या फिर विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाएगी।

बड़ा सवाल: सुरक्षा की जिम्मेदारी किनके कंधों पर? 161 पुलिसकर्मियों का यूं अचानक लापता हो जाना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब पुलिस फोर्स ही ड्यूटी से भाग रही हो, तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?