देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जहां एक ओर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बरसात और बाढ़ ने तबाही मचाई है, वहीं पूर्वांचल का देवरिया जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगता है। लोग जरूरी कामों के अलावा घर से निकलने से बच रहे हैं।

जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डायरिया, लू, बुखार और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों की मानें तो बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दिन के समय धूप में निकलने से परहेज करने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है।

गांवों में हालात ज्यादा खराब
देवरिया के ग्रामीण इलाकों में हालात और भी चिंताजनक हैं। न तो कहीं छाया का इंतजाम है और न ही शुद्ध पेयजल की सुविधा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सरकार की तरफ से अब तक कोई विशेष राहत उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

बाजारों में सन्नाटा, स्कूलों में उपस्थिति घटी
तेज गर्मी का असर स्थानीय बाजारों और स्कूलों पर भी साफ नजर आ रहा है। दोपहर के वक्त दुकानों में ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में भारी गिरावट आई है। कई प्राइवेट स्कूलों ने दोपहर की कक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

जनता का सवाल – देवरिया ही क्यों उपेक्षित?
जब एक ओर प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश और बाढ़ राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं, तो देवरिया की जनता पूछ रही है कि यहां गर्मी और स्वास्थ्य संकट से राहत के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे? न टैंकर भेजे जा रहे, न ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील
सीएमओ कार्यालय से जारी अपील में कहा गया है कि लोग पर्याप्त पानी पिएं, छाया में रहें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और लक्षण दिखते ही पास के स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। जिले के अस्पतालों में विशेष वार्ड भी बनाए जा रहे हैं।