सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदरपुर–बेल्थरा रोड पर रुद्रावार गांव के पास खवासपुर गांव निवासी 70 वर्षीय रामलगन राजभर के शव मिलने के 36 घंटे बाद भी उस अज्ञात वाहन का कोई सुराग नहीं लग सका है, जिससे उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजनों में रोष व्याप्त है।
ज्ञात हो कि रामलगन राजभर बीते 5 दिसंबर से घर से लापता थे। परिजनों द्वारा लगातार खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चल सका था। सोमवार की सुबह रुद्रावार गांव के पास सड़क किनारे एक गड्ढे में मिट्टी से दबे कपड़े दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पीआरबी और स्थानीय पुलिस ने जांच के दौरान गड्ढे से वृद्ध का शव बरामद किया था। शव के पास मिली बैंक पासबुक से उनकी पहचान हुई।
पुलिस ने मृतक के भतीजे जितेंद्र कुमार की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो वाहन की पहचान हो सकी है और न ही किसी चालक का पता चल पाया है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। घटनास्थल पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी डालने और मशीनों से समतलीकरण का काम जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलगन तीन दिन पहले सड़क किनारे सोते हुए देखे गए थे। आशंका जताई जा रही है कि या तो किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई, या फिर निर्माण कार्य के दौरान मशीन चालक की लापरवाही से वे मिट्टी में दब गए हों।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सड़क निर्माण से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उधर, घटना के बाद से मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।
foto goo चित्रकूट (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में प्रेम प्रसंग…
फोटो X गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान…
फोटो goo गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रेम संबंध और शादी…
AI निर्मित बरेली में 13 अक्टूबर को हो सकती है बड़ी घोषणा, 2500 से बढ़कर…
मकेर में 15 मिनट के भीतर दो जगह टूटे तटबंध, घरों से लेकर खेतों तक…
फोटो goo मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी में सबसे अधिक हादसे, बाढ़ के पानी में गहराई…