गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश और ललित कला एवं संगीत विभाग, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में 20 दिवसीय ग्रीष्म कालीन ‘चित्रकला कार्यशाला’ का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रो. शांतनु रस्तोगी (प्रति कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय) और विशिष्ट अतिथि प्रो. राजवंत राव (अधिष्ठाता कला संकाय) और प्रो. अनुभूति दुबे (अधिष्ठाता छात्र कल्याण) रहीं।
मुख्य अतिथि प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि ऐसे कला शिविर के आयोजन से बच्चों के अंदर की प्रतिभा बाहर निकलती है और प्रतिभागियों में यह कार्यशाला नई ऊर्जा का संचार करेगी।
विशिष्ट अतिथि प्रो. राजवंत राव ने कहा कि हमारे भारतीय कला का इतिहास लगभग 30 हजार वर्ष पुराना है, जिसका विकसित स्वरूप आज हम कई रूपों में देखने को मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में कार्यशाला संयोजक डॉ. गौरी शंकर चौहान ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक, शोध छात्र, प्रतिभागी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला कला विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और नवोदित कलाकारों के लिए अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध होगी। कार्यशाला में लगभग 135 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया है, जो जूनियर और सीनियर दो वर्गों में विभाजित है।
विशेषज्ञों ने कार्यशाला में विशेष तौर से “लैंडस्केप पेंटिंग” और “लोक कला” की बारीकियों को प्रशिक्षुओं को सिखाया जाएगा।
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