यूपी में विधान परिषद की 11 सीटें होंगी रिक्त, चुनाव की तैयारियाँ शुरू

(लखनऊ से अभिषेक की रिपोर्ट)

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विधान परिषद (MLC) की 11 सीटें आगामी वर्ष में रिक्त हो रही हैं, जिन्हें लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। ये सीटें स्नातक एवं शिक्षक क्षेत्रों से संबंधित हैं और इन पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल शुरू हो गई है।

विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव होंगे, उनमें लखनऊ स्नातक क्षेत्र से एमएलसी अवनीश कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही मान सिंह यादव, मानवेंद्र सिंह, दिनेश गोयल, हरि सिंह ढिल्लो, उमेश द्विवेदी और ध्रुव त्रिपाठी सहित अन्य सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है।

स्नातक और शिक्षक क्षेत्र से चुनाव:इन 11 सीटों में से कई सीटें स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिनका मतदान प्रक्रिया पारंपरिक चुनावों से भिन्न होती है। इन क्षेत्रों में पंजीकृत मतदाता ही वोट डाल सकते हैं, जिनमें शिक्षकों, स्नातकों और संबंधित वर्गों के लोग शामिल होते हैं।

राजनीतिक दलों ने बढ़ाई सक्रियता: इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। भाजपा, सपा, कांग्रेस और अन्य दल संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। यह चुनाव अगले वर्ष की पहली तिमाही में संभावित है, लेकिन तैयारियाँ अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं।

राजनीतिक समीकरणों पर असर: यह चुनाव न केवल विधान परिषद की रचना को प्रभावित करेगा, बल्कि इसके ज़रिए विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। विशेषकर लखनऊ स्नातक क्षेत्र की सीट पर सभी दलों की नजरें टिकी हुई हैं।

अधिकारियों को चुनाव प्रबंधन के निर्देश: मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा संबंधित ज़िलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को प्रारंभिक रूप से तैयारियाँ आरंभ करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वोटर लिस्टों का पुनरीक्षण, नामांकन प्रक्रिया और मतदान केंद्रों की व्यवस्था आदि पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है

विधान परिषद की 11 सीटों पर आगामी चुनाव न केवल विधायी स्वरूप को प्रभावित करेंगे, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी गहरा असर डाल सकते हैं। सभी राजनीतिक दल इन चुनावों को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और आगामी दिनों में सरगर्मी और तेज़ होने की संभावना है।

Editor CP pandey

Recent Posts

एफसीआरए 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा की ढाल या लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर प्रहार?

फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026: संप्रभुता, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र के बीच संतुलन का…

3 hours ago

देवरिया-कुशीनगर में निवेश की बयार: बड़े उद्योगपतियों ने दिखाई दिलचस्पी

पूर्वांचल की तकदीर बदलने की तैयारी: देवरिया में निवेशकों का महामंथन देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।पूर्वांचल…

3 hours ago

तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से कार क्षतिग्रस्त, बाल-बाल बचे पिता-पुत्र

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के मगहर हाईवे पर…

3 hours ago

सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, 30 दिन में सूचना देना अनिवार्य

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने मेहदावल तहसील में…

3 hours ago

प्रबंधक ने ग्रीष्मकालीन यात्रियों की सुविधाओ का व्यापक निरिक्षण किया

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)l मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन ने 04 अप्रैल,2026 शनिवार को ज्ञानपुर…

4 hours ago

सम्पूर्ण समाधान दिवस में 172 शिकायतों की सुनवाई, 22 का मौके पर निस्तारण

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेहदावल तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार की…

4 hours ago