संजय राउत का सुप्रीम कोर्ट को बड़ा संदेश: “माफी मांगने को तैयार हूं, लेकिन 13 करोड़ मतदाताओं को न्याय दीजिए”
SIR विवाद से शिवसेना के चुनाव चिह्न तक उठाए सवाल, बोले—साढ़े चार साल से लड़ रहे हैं कानूनी लड़ाई
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट में की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय को लगता है कि उनकी किसी टिप्पणी से संस्था की गरिमा को ठेस पहुंची है, तो वह माफी मांगने के लिए तैयार हैं। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने अदालत से दो टूक अपील की कि माफी के सवाल से आगे बढ़कर मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए करोड़ों लोगों को न्याय दिलाया जाए। राउत के इस बयान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और महाराष्ट्र की सियासत से जुड़े विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राउत ने स्पष्ट किया कि न तो उनका और न ही उनकी पार्टी का सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने का कोई इरादा था। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करने वाली सर्वोच्च न्यायिक संस्था के प्रति उनके मन में सम्मान है। अगर उनकी बात को अनुचित माना गया है, तो वह माफी मांग सकते हैं, लेकिन उनकी मूल मांग न्याय की है। दरअसल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से जुड़े उस मार्च के मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने न्यायपालिका को लेकर दिए जा रहे बयानों पर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी को भी न्यायपालिका को डराने या धमकाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अदालत को बाहर दिए जा रहे बयानों और न्यायिक कार्यवाही के दौरान कही जा रही बातों की जानकारी रहती है। यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आचरण को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों के बीच सामने आया है। राउत ने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने कहा, “मैंने माफी मांग ली है, लेकिन हमें न्याय दीजिए। उन 13 करोड़ मतदाताओं को न्याय दीजिए, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाया जा रहा है।” राउत के इस बयान में माफी की पेशकश के साथ विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई का संदेश भी साफ दिखाई दिया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मताधिकार सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है और यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संबंधित दावे और उनकी वास्तविक संख्या का निर्धारण आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित कानूनी कार्यवाही के आधार पर किया जाना जरूरी है। संजय राउत ने केवल SIR का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी के नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है और इस मामले में हो रही देरी से उद्धव ठाकरे गुट को निराशा हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। इसके बाद पार्टी के नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न को लेकर विवाद खड़ा हुआ। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे के गुट को शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न आवंटित किया। उद्धव ठाकरे गुट ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखी। राउत ने इस मामले में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि साढ़े चार साल से वे शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर कानूनी संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान चार मुख्य न्यायाधीश बदल गए, लेकिन उन्हें अब तक अपनी लड़ाई का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। उन्होंने मौजूदा सरकार की वैधता पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी पार्टी को न्याय मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अदालत को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए। उनकी मांग किसी संस्था का अपमान करना नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्ष सुनवाई की अपेक्षा करना है। राउत ने दोहराया कि यदि उनकी टिप्पणी गलत मानी जाती है, तो वह सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगने को तैयार हैं, लेकिन उनकी पार्टी को न्याय मिलना चाहिए। संजय राउत के इस बयान के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि SIR से जुड़ी शिकायतों और शिवसेना के नाम एवं चुनाव चिह्न विवाद में आगे क्या कानूनी घटनाक्रम सामने आता है। फिलहाल, राउत ने माफी की पेशकश के साथ अदालत के सामने न्याय की मांग को प्रमुखता से रखकर राजनीतिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शारदीय नवरात्रि के छठे दिन को पूर्वांचल के प्रमुख शक्तिपीठ मां…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। आकांक्षात्मक विकास खंड हुजूरपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य…
फोटो X नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’…
फोटो goo परिसीमन पर फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष! PM मोदी को खड़गे का चौथा…
फोटो goo सत्ता परिवर्तन की मांग पर सियासी संग्राम तेज! BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का…
फोटो goo MLC चुनाव में अनंत सिंह का बगावती तेवर! नीतीश कुमार पर बड़ा दावा,…