विजयादशमी से पहले सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, उत्सव के जोश में सुरक्षा से न करें समझौत
महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना, योगी का बड़ा संदेश! 2017 से पहले के यूपी और आज के प्रदेश की तस्वीर सामने रख गिनाईं उपलब्धियां
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शक्ति स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर मां दुर्गा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्यता की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने विजयादशमी के आयोजन को लेकर प्रदेशवासियों से खास अपील करते हुए कहा कि पर्व को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाए, लेकिन सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता न हो। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी को केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों और विकारों को समाप्त करने का संदेश देने वाला पर्व बताया।
मुख्यमंत्री ने मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के उस आदर्श को भी रेखांकित किया, जिसमें नारी के सम्मान को समाज की सुख-समृद्धि और कल्याण का आधार माना गया है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां सुख, समृद्धि और कल्याण का वातावरण बनता है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस दौर में अराजकता, अपराध और दंगों के कारण प्रदेश के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। उनके मुताबिक, पर्व-त्योहारों के दौरान भी उपद्रव की आशंका बनी रहती थी और अभिभावक अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई तथा कानून के शासन को मजबूत करने पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को उपद्रव की छवि से निकालकर उत्सव और निवेश के अनुकूल वातावरण वाला राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्रमुख स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास की गति को मजबूत करने में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला श्रम बल भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
औद्योगिक क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कारखानों की संख्या लगभग 14 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंच गई है। उनके अनुसार, निवेश गतिविधियों के विस्तार से 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम है।
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास को भी प्रदेश की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रदेश की कृषि विकास दर में वृद्धि की बात कही। साथ ही, निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दिए जाने का दावा किया।
स्टार्टअप और छोटे उद्योगों के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पहले के लगभग 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को फिर से मजबूत बनाने की बात कही और दावा किया कि इस क्षेत्र के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा, आर्थिक भागीदारी, औद्योगिक निवेश, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास को साथ लेकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।
महानवमी पर कन्या पूजन और विजयादशमी से पहले सुरक्षा की अपील के साथ मुख्यमंत्री का संदेश धार्मिक आस्था, सामाजिक मूल्यों और विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हालांकि, आर्थिक और रोजगार संबंधी आंकड़ों को सरकार के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए; उनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित विभागों के आधिकारिक आंकड़ों का संदर्भ आवश्यक है।
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