मऊ में एनएसएस शिविर का समापन, फूलों की होली से दिया हरित संदेश

मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)।रामबचन सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह उत्साह, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर छात्राओं ने फूलों की होली खेलकर पर्यावरण संरक्षण, शांति और मानवाधिकारों के सम्मान का संदेश दिया।
समारोह का शुभारंभ माँ शारदा देवी की प्रतिमा एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत Swami Vivekananda के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मविकास की भावना प्रमुख रूप से परिलक्षित हुई।
मुख्य अतिथि ने किया राष्ट्रसेवा का आह्वान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. देवेन्द्र पाण्डेय उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने आह्वान किया कि छात्राएं देशभक्ति और राष्ट्रसेवा को जीवन का प्रथम कर्तव्य मानें तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि विशेष शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। शिविर के दौरान स्वच्छता, साक्षरता, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर की गई गतिविधियां छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होंगी।
विशिष्ट अतिथियों ने छात्राओं को दिया मार्गदर्शन
समारोह में जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत यादव, आईटीआई कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुण यादव एवं रहमानिया पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुलाब यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रधानाचार्य अरुण यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि बदलते समय में महिलाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने छात्राओं को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों को चुनौती मानकर परिश्रम और लगन से अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो जीवन की दिशा बदल सकती है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि संस्थान छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होता रहेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर स्वयंसेविकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। रिया, शिवांगी, खुशबू और निधि ने ‘भरत-मिलाप’ का प्रभावशाली मंचन किया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मीनाक्षी द्विवेदी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि शिवांगी खरवार एवं अनुपम सिंह ने लोकगीतों पर मनोहारी नृत्य कर कार्यक्रम में रंग भर दिए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अवनीन्द्र कुमार पाण्डेय ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवन कुमार सिंह एवं डॉ. छविनाथ प्रसाद का सक्रिय योगदान सराहनीय रहा।
फूलों की होली से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सायंकाल जिला गंगा समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. हेमंत यादव ने छात्राओं से अपील की कि वे रासायनिक रंगों के स्थान पर फूलों से होली मनाएं।
उन्होंने कहा कि होलिका दहन के लिए हरे-भरे वृक्षों की कटाई न की जाए, बल्कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जाए। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय परिसर में दो पौधों का रोपण भी किया और सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।
फूलों की होली कार्यक्रम के दौरान अध्यापकों और छात्राओं ने एक-दूसरे पर पुष्पवर्षा कर उत्सव मनाया। यह आयोजन न केवल आनंद का प्रतीक था, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी था।
होली: शांति, प्रेम और मानवाधिकारों का पर्व
डॉ. हेमंत यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि शांति, प्रेम और अहिंसा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रंगों के माध्यम से हम अपने विरोधियों को भी मित्र बना सकते हैं।
उन्होंने छात्राओं को सचेत किया कि त्योहारों का आनंद लेते समय दूसरों की भावनाओं और मानवाधिकारों का सम्मान करना आवश्यक है। रंग खेलते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि सामने वाला व्यक्ति भी प्रसन्न हो। यही सच्चे अर्थों में त्योहार की सार्थकता है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा विशेष शिविर
सप्त दिवसीय विशेष शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैली, महिला सशक्तिकरण पर गोष्ठी, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और वृक्षारोपण जैसे अनेक रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
विशेष शिविर ने छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मविश्वास का विकास किया। महाविद्यालय प्रशासन ने इसे सफल आयोजन बताते हुए सभी स्वयंसेविकाओं और शिक्षकों को बधाई दी।
निष्कर्ष
रामबचन सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय मऊ में आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों का उत्सव बन गया। फूलों की होली के माध्यम से दिया गया संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
यह आयोजन न केवल छात्राओं के व्यक्तित्व विकास का माध्यम बना, बल्कि समाज को भी यह प्रेरणा दे गया कि त्योहारों को शांति, प्रेम और पर्यावरण संतुलन के साथ मनाया जाए।

rkpnews@somnath

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